आंकड़ों की मानें तो देश में केवल अल्कोहल लेने वालों की संख्या 16 करोड़ से अधिक है और इनमें से करीब छह करोड़ को नशे की आदत के कारण इलाज की जरूरत है। अन्य नशा करने वाले भी करोड़ों में हैं। मनोचिकित्सक, डॉ. संगीता हटीला की मानें तो नशा छोडऩा आसान है। जरूरत है सकारात्मक पहल करने की।
ट्राई करने से बचें
नशा संबंधी चीजें ट्राई करने से बचें। या फिर घर में अगर कोई नशे का आदी हो तो उसकी बातों में आकर नशा न अपनाएं। कई बार नशा करने वाला व्यक्ति किसी को अपने जैसा बनाने का प्रयास करता है, अत: बचें।
यह भी पढ़ें- International Yoga Day 2023: शरीर की कई समस्याओं में रामबाण इलाज है वृक्षासन, जानिए करने का सही तरीका
ये हैं लक्षण
बच्चा या घर का कोई सदस्य नशा करना शुरू करता है तो वह सबसे पहले परिजनों से दूरी बनाने लगता है। अकेले रहना, दोस्तों से ज्यादा मिलना, अनावश्यक घूमना, लेट घर आना जैसे लक्षणों पर ध्यान दें।
सपोर्ट सिस्टम बनाएं
नशा छोडऩे में परिजनों का सपोर्ट अहम भूमिका निभाता है। ताना मारने, डराने-धमकाने, अलग करने, बातचीत बंद करने आदि से ऐसे व्यक्ति के नशे की गिरफ्त में आने की आशंका ज्यादा होती है।
रोग की तरह ट्रीट करें
नशा या नशे करने वाले व्यक्ति को रोगग्रस्त समझें। एक बार नशा शुरू करने पर होने वाले हार्मोन्स संबंधी बदलावों से नशे की डिमांड बढ़ जाती है।
सौंफ-इलायची कम चबाएं
सिगरेट, गुटखा, अल्कोहल या अन्य कोई लत हो और खुद से इसे छोडऩा चाहते हों तो इनका विकल्प भी न चुनें। इलायची या सौंफ जैसे विकल्प के रूप में अपना सकते हैं, लेकिन वह भी सीमित मात्रा में ही इस्तेमाल करें।
यह भी पढ़ें-BP रोगी करें वॉक-जॉगिंग, शरीर पर नहीं पड़ेगा ज्यादा दबाव, ये है तरीका
एडिक्ट हों तो...
अगर घर में कोई सदस्य किसी नशे का आदी हो तो इसके लिए मनोचिकित्सक की मदद लेना ही उचित है। दिमागी तौर पर परिवर्तनों से व्यक्ति उग्र स्वभाव का बन जाता है और वह आत्म-नियंत्रण खो देता है। संयम के साथ सहयोग करें।
फोन एडिक्शन भी लत
नोटिफिकेशन आने के साथ ही स्क्रीन ऑन करना एडिक्शन का लक्षण है। इसके लिए लिमिट सेट करें और जरूरत होने पर ही मोबाइल फोन का इस्तेमाल करें। देर रात तक न जागें और सोते समय फोन को खुद से दूर रखें।
यह भी पढ़ें-International Yoga Day : मधुमेह को प्रबंधित करने के लिए डेली करें ये 4 आसन
संवाद बनाए रखें
संवाद से अधिकतर समस्याएं हल हो सकती हैं। ऐसे में परिवार में कोई नशा करता हो या बच्चों में ऐसे लक्षण सामने आएं तो उनसे इंटरेक्शन बनाए रखें। ताकि वह बाहर किसी का सपोर्ट न ढूंढ़े। इससे समस्या भी जल्दी दूर हो सकती है।
ये एक्टिविटीज अपनाएं
खुद को व्यस्त रखने के लिए मेडिटेशन, एक्सरसाइज के साथ ही कोई हॉबी अपना सकते हैं। अपनी पसंदीदा एक्टिविटी शुरू कर सकते हैं जैसे गेम्स खेलना, लेखन, पढऩा, मोटिवेशनल वीडियो देखना, संगीत सुनना, एरोबिक्स, जुम्बा आदि। फिजिकल एक्सरसाइज पर भी फोकस कर नशे की लत से दूरी बनाई जा सकती है। उन लोगों से दूरी बनाकर रहें जो नशा करते हैं। इससे भी फायदा होगा।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/js97Eg3
No comments:
Post a Comment