जयपुर समेत पूरे राजस्थान में गलनभरी सर्दी से जनजीवन अस्त व्यस्त है। फिलहाल उत्तरी भारत में एक नया तंत्र पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से तीन दिन तक तापमान में थोड़ा गिरावट का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक राजस्थान में बीते तीन-चार दिन से पड़ रही तेज सर्दी से हल्की राहत मिलने के आसार हैं। एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से कड़ाके की ठंड और शीतलहर का असर कम होगा। राजस्थान में बीकानेर, जयपुर संभाग के हिस्सों में गुरुवार से आसमान में हल्के बादल छा सकते हैं। तापमान में बढ़ोतरी का दौर भी जारी रहेगा। बीती रात को फतेहपुर के पारे में छह डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई पारा 6.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। चूरू का 7.1, सीकर का 6 , पिलानी का 7.6 , श्रीगंगानगर का 10, माउंट आबू का 3, उदयपुर का 8, जयपुर का 10.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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मिलेगी आमजन को राहत
राज्य में कुछ शहरों में तापमान बढ़ने से लोगों को कोल्ड-डे की स्थिति से राहत मिलेगी। सीकर, चूरू, पिलानी, फतेहपुर, माउंटआबू,बीकानेर, श्रीगंगानगर प्रदेश में सबसे ठंडी जगहों में शुमार रह चुके हैं। मौसम विभाग के मुताबिक गुरुवार—शुक्रवार को उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में एक बार फिर घना कोहरा छाने और 31 दिसंबर तक न्यूनतम तापमान में और गिरावट आने की प्रबल संभावना है। जनवरी के पहले सप्ताह में राज्य के शीतलहर के एक नए दौर का सामना करने का पूर्वानुमान है।
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क्या है पश्चिमी विक्षोभ
आईएमडी के मुताबिक भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तरी इलाक़ों में सर्दियों के मौसम में आने वाले ऐसे तूफान को पश्चिम विक्षोभ कहते हैं। यह वायुमंडल की ऊंची तहों में भूमध्य सागर, अन्ध महासागर या अटलांटिक महासागर और कुछ हद तक कैस्पियन सागर से नमी लाकर उसे अचानक वर्षा और बर्फ के रूप में उत्तर भारत, पाकिस्तान व नेपाल पर गिरा देता है। उत्तर भारत में रबी की फसल के लिए विशेषकर गेंहू के लिए यह लाभकारी होता है।
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