दिल की बीमारी, डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल जैसी बीमारियां की वजह हमारी बिगड़ी हुई लाइफस्टाइल, डाइट और आरमदेह जिंदगी ही होती है। कुछ बीमारियां ऐसी होती हैं, जो दूसरी बीमारियों को पैदा करने का कारण बनती है। डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल और हाई बीपी जैसी बीमारियां ही दिल की बीमारियों का कारण होती हैं। तो चलिए आज आपको दिल की नसों के कमजोर होने के लक्षण से लेकर कारण और बचाव के उपाय से जुड़ी जानकारी दें।
दिल पर खतरा सीधे तौर पर जब ब्लड सर्कुलेशन में दिक्कत होती है, तभी होता है। स्ट्रेस, डिप्रेशन, डायबिटीज, कोलेस्ट्राॅल, मोटापा और बीपी जैसी बीमारियां ब्लड सर्कुलेशन को प्रभावित करती हैं। खासकर स्ट्रेस हॉर्मोन से ब्लड वेसेल्स को बहुत नुकसान पहुंचता है। तो चलिए जानें कि दिल की नसों की कमजोरी के लक्षण क्या हैं।
दिल की नसें कमजोर होने के लक्षण- Symptoms of weakening of the heart
1. पैरो में दर्द का बने रहना
2. सांस लेते समय तकलीफ महसूस होना
3. सीने में भारीपन या दर्द महसूस होना
4. बॉडी में सूजन नजर आना
5. बार-बार जुकाम होना
6. शरीर में नसों का उभरना
दिल की नसों को मजबूत बनाने के उपाय-Remedies to strengthen the veins of the hear
- रोज कम से कम 45 मिनट की एक्सरसाइज करें।
- धूम्रपान और शराब से दूरी बना लें।
- कम फैट और हाई रफेज वाली डाइट लें।
- अधिक से अधिक लिक्विड डाइट लें।
- शाम के सात बजे के बाद खाना बिलकुल न खाएं।
- तेल-घी और जंक फूड से दूरी बना लें।
- तनाव दूर करने के लिए मेडिटेशन करें।
(डिस्क्लेमर: आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए दिए गए हैं और इसे आजमाने से पहले किसी पेशेवर चिकित्सक सलाह जरूर लें। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने, एक्सरसाइज करने या डाइट में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
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