Sunday, 12 December 2021

सर्दियों में शरीर को गर्म रखने के लिए ये योगासन जरूर करें मौसमी बीमारियों से भी बचाएगा

नई दिल्ली : डी के महीनों में गिरते तापमान की वजह से तमाम लोग परेशान होते हैं और लोग रोजाना वर्कआउट या व्यायाम भी नहीं कर पाते हैं। ऐसे में कुछ योगासन ऐसे भी हैं जिनका अभ्यास कर आप कड़ाके की ठंड से अपना बचाव कर सकते हैं और शरीर के तापमान को भी ठीक कर सकते हैं। फिट रहने के साथ-साथ शरीर को गर्म रखने के लिए सर्दी के मौसम में इन योगासनों का अभ्यास बहुत फायदेमंद माना जाता है। आइये जानते हैं इनके बारे में।

सर्दी के मौसम में शरीर को गर्म रखने के लिए करें ये योगासन
सर्दी के मौसम की शुरुआत हो चुकी है और इस मौसम में शरीर को ठंड से बचाने के लिए लोग तमाम तरह के उपाय अपनाते हैं। सर्दी की वजह से तमाम ऐसे लोग भी हैं जो नियमित रूप से एक्सरसाइज या वर्कआउट नहीं कर पाते हैं। ऐसे लोगों के लिए योगासनों का नियमित अभ्यास बहुत फायदेमंद हो सकता है। कुछ योगासन ऐसे हैं जिनका रोजाना अभ्यास कर आप सर्दी से अपना बचाव कर सकते हैं। आइये जानते हैं इनके बारे में।

1. नौकासन

नौकासन शब्द दो संस्कृत शब्दों से मिलकर बना है। जिसमें नौका का मतलब है नाव और आसन का अर्थ है आसन या सीट। इस योगासन के अभ्यास में आपका शरीर नाव की मुद्रा में हो जाता है। यह आसन मध्यम श्रेणी का योगासन है जिसका अभ्यास प्राचीन काल से ही किया जा रहा है। पेट की चर्बी कम करने से लेकर रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाने तक इस योगासन के अनेकों स्वास्थ्य लाभ हैं। रोजाना सही ढंग से नौकासन का अभ्यास करने से आपके फेफड़े मजबूत होते हैं और पेट के अंदर मौजूद अंगों को भी फायदा मिलता है। नौकासन के अभ्यास में आपका शरीर अंग्रेजी के अक्षर V की आकृति में आ जाता है। इसके अभ्यास से आपके लोअर बैक पेट, कोर और बाइसेप्स और ट्राइसेप्स और पैर व टखनों के लिए बहुत फायदेमंद होता है।

2. शीर्षासन

शीर्षासन को वृक्षासन और कपालासन के नाम से भी जाना जाता हैं। शीर्षासन के कई लाभ हैं इसीलिए इसे बहुत ही उपयोगी माना जाता है। शीर्षासन का अभ्यास सिर के बल किया जाता है। इस योगासन का अभ्यास करने से पहले आपको इसके अभ्यास के लिए कोशिश करनी पड़ती है। यह एक कठिन आसनों में से एक माना जाता है। पूरे शरीर की सेहत को ठीक करने के लिए इस आसन का अभ्यास बहुत फायदेमंद माना जाता है।

3. सेतुबंधासन

सेतुबंधासन का नाम दो शब्दों से मिलकर बना है। पहला सेतु जिसका अर्थ है पुल और दूसरा बंध जिसका मतलब बांधना होता है। सेतुबंधासन का नियमित अभ्यास पीठ और रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाने के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। सेतुबंधासन का नियमित अभ्यास करने के फायदे अनेक हैं लेकिन विशेष रूप से यह पीठ और रीढ़ की हड्डी के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इस आसन का अभ्यास करने से आपकी पीठ, गर्दन और रीढ़ की हड्डी व सीने को फायदा मिलता है। इसमें आप शरीर के इन अंगों को स्ट्रेच करते हैं और इसके अभ्यास से मांसपेशियां मजबूत होती हैं। इसका नियमित रूप से अभ्यास कर आप शरीर को सर्दी के मौसम में भी गर्म रख सकते हैं।

4. कुंभकासन
कुंभकासन का नियमित अभ्यास हड्डियों के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। इसका नियमित अभ्यास करने से आपके कंधे की हड्डियां भी मजबूत होती हैं। इसका रोजाना सही ढंग से अभ्यास करने से पेट और हिप्स की मांसपेशियों के साथ रीढ़ की हड्डी भी मजबूत होती है। कुंभकासन का अभ्यास करने से सर्दी के मौसम में शरीर का तापमान बढ़ जाता है।



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