नई दिल्ली। दूध को लेकर लोग अक्सर आपस में उलझ जाते हैं की ऑर्गेनिक मिल्क ज्यादा बेहतर है यह स्किम्ड मिल्क।
इस आर्टिकल में हम आपको इस विषय पर पूरी जानकारी देंगे।बदलते परिवेश और शहरीकरण ने इस बहस को और भी ज्यादा तेज कर दिया है। पहले के जमाने में दूध सिर्फ दूध होता था। जिसे आज पूरा दूध या आर्गेनिक दूध कहा जाता है वही दूध होता था। जब भी दूध के प्रकार की बात होती थी तो जानवरों के हिसाब से होती थी। लेकिन डेयरी उद्योग ने अब स्किम्ड, टोंड और फूल क्रीम जैसे दूध का बाजार बना दिया है।
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क्या है आपके लिए बेहतर
दूध पर हुए तमाम शोध में यह बात सामने आ चुकी है। कि स्वास्थ्य और पोषण के लिए सामान्य अर्थात आर्गेनिक दूध ज्यादा अच्छा होता है। जहां तक मोटापा का सवाल है उसमें भी यह दूध ज्यादा फायदेमंद पाया गया है। क्योंकि पूरे दूध में पाया जाने वाला फैट शरीर के लिए हेल्दी फैट होता है।
स्किम्ड दूध
पूरे दूध में कैल्शियम, ओमेगा 3 फैटी एसिड, विटामिन डी जैसे पोषक तत्व पाये जाते हैं। लेकिन स्किम्ड दूध में इन सब पोषक तत्वों की मात्रा भी कम हो जाती है।
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किनको नहीं पीना चाहिए आर्गेनिक दूध
जो लोग लैक्टोज इनटॉलेरेंस के शिकार होते हैं उनके लिए दूध या आर्गेनिक दूध ठीक नहीं होता है।
लैक्टोज इनटॉलेरेंस वाले इंसान को आर्गेनिक दूध की जगह पनीर और दही को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए।
आर्गेनिक दूध या पूरा दूध अगर आप अधिक मात्रा में उपयोग करेंगे तो वह भी उसी तरह से नुकसान पहुंचाता है जैसे अन्य खाद्य पदार्थ।
प्रेग्नेंसी में पिए लो फैट मिल्क
हालांकि, कोई इनकार नहीं करता है कि दूध एक हेल्दी भोजन है और यह प्रेगनेंट मां और उसके बच्चे दोनों को पोषण प्रदान कर सकता है। अगर आपको प्रेगनेंसी में दूध पीना है तो बेहतर होगा कि आप लो-फैट दूध पीएं। यह एक हेल्दी बदलाव है जो आपको अपनी प्रेगनेंसी के दौरान करना चाहिए।
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