नई दिल्ली। Treat Infected Navel Piercing: नाक-कान छिदवाने का चलन तो हमेशा से चलता आ रहा है। लेकिन आजकल फैशन के चलते लोग नाभि, भौंहों और होठों पर भी पियर्सिंग करवाने लगे हैं। विशेषकर युवतियों में नाभि पियर्सिंग काफी लोकप्रिय हो रही है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अन्य जगहों की तुलना में नाभि में पियर्सिंग करवाने पर इसे सही होने में तुलनात्मक रूप से अधिक समय लगता है। साथ ही सही ढंग से पियर्सिंग ना करवाने या ध्यान ना देने पर संक्रमण भी हो सकता है। नाभि में पियर्सिंग कराने के बाद 1-2 दिनों तक ठीक रहता है तो सही है, परंतु यदि उस भाग में लालिमा या बदबूदार, हरा, पीला मवाद आने लगे तो इस समस्या से निम्न घरेलू उपायों द्वारा बचा जा सकता है...
- टीट्री ऑयल
नाभि के संक्रमण को दूर करने के लिए टीट्री ऑयल में एंटीफंगल, एंटीबैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुण मौजूद होते हैं। इस उपाय को करने के लिए आप एक चम्मच जैतून के तेल में कुछ बूंदे टीट्री ऑयल की मिला लें। फिर इस मिश्रण को रूई के फाहे की मदद से प्रभावित हिस्से में लगा लें। और थोड़ी देर के लिए ऐसे ही छोड़ दें। इस उपाय को आप दिन में दो-तीन बार कर सकते हैं।
- गर्म नमक का पानी
नाभि संक्रमण को दूर करने के लिए यह एक कारगर उपाय हो सकता है। जहां एक तरफ, गरम पानी की गर्माहट से संक्रमित भाग में रक्त प्रवाह को बढ़ाने में मदद मिलती है। वहीं दूसरी ओर, एक अच्छा कीटाणुनाशक होने के साथ ही नमक नमी को अवशोषित कर हीलिंग की प्रक्रिया को बढ़ा देता है। इस उपाय को करने के लिए आप एक कप गर्म पानी में 1 चम्मच नमक मिलाकर इस मिश्रण में रुई के फाहे को डूबोकर संक्रमित त्वचा को साफ कर लें। इसके बाद उस भाग पर कोई एंटी-बैक्टीरियल क्रीम लगा लें। इस उपाय को आप प्रतिदिन दिन में 2 बार कर सकते हैं।
- सफेद सिरका
नाभि के संक्रमण से निजात पाने और फैलने से रोकने के लिए सफेद सिरके का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह एसिडिक प्रकृति का होता है। इस उपाय को करने के लिए आप दो कप गुनगुने पानी में एक कपूर का मिलाकर रूई के फाहे की मदद से संक्रमित भाग पर लगा लेंगे। और थोड़ी देर के लिए छोड़ दें। इस उपाय को आप रोजाना दिन में दो-तीन बार कर सकते हैं।

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