नई दिल्ली। Shatavari Benefits: शतावरी हिमालयी क्षेत्रों में पाई जाने वाली औषधीय जड़ी-बूटी है। आयुर्वेद में इसे रसायन या ***** बॉडी टॉनिक कहा जाता है। एक से दो मीटर लंबी शतावरी पोषक तत्वों से भरपूर होती है। इसके इस्तेमाल से कई शारीरिक फायदे होते हैं। शतावरी में फाइबर और कैल्शियम के अलावा विटामिन ए, विटामिन बी 6, विटामिन सी, विटामिन ई, प्रोटीन,विटामिन के, आयरन और फोलेट मिलता है। शतावरी का उपयोग मुख्य रूप से यौन संबंधित समस्या को दूर करने के लिए किया जाता है। शतावरी महिलाओं के प्रजनन हार्मोन के लिए असरदार जड़ी-बूटी है। यह उनकी यौन समस्याओं को भी ठीक करने के लिए जानी जाती है। शतावरी जड़ीबूटी के और भी स्वास्थ्य लाभ होते है, आइए जानते हैं शतावरी के फायदे।
शतावरी के फायदे
- मधुमेह से पीड़ित लोगो के लिए शतावरी बहुत उपयोगी मानी जाती है। शतावरी में अच्छी मात्रा में विटामिन बी 6 होता है जो रक्त शर्करा को नियंत्रित कर सकता है। मधुमेह प्रकार दो के लक्षणो को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा शतावरी में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होता है। इन गुणों से इंसुलिन में सुधार देखा जाता है। मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए आप शतावरी का उपयोग कर सकते है।
- जिन लोगों को अपना वजन घटाना है उनके लिए शतावरी का सेवन बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है। दरअसल, शतावरी में सोल्यूबल और नॉन-सोल्यूबल डायटरी फाइबर होते हैं। जो फैट बर्निंग प्रोसेस को तेज़ करते हैं। यह लो कैलोरी-फूड होने की वजह से वजन भी तेजी से करता है।
- शतावरी एक प्राकृतिक मूत्रवर्धक के रूप में कार्य करता है। यह अतिरिक्त नमक और तरल पदार्थ को शरीर से निकालने में मदद करता है। इसलिए यह विशेष रूप से एडिमा और उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों के लिए अच्छा है।
- पीरियड्स के दौरान असुविधा पैदा करने वाली एसिडिटी से बचने के लिए शतावरी बहुत अच्छा घरेलु नुस्खा है। शतावार पेट दर्द को कम करने वाली एलिमेंट्री कैनाल में गैस बनने से रोकती है। इसके अलावा जिन महिलाओं को अल्सर या दस्त की समस्या है, वे इस जड़ी बूटी का सेवन कर सकती हैं। महिलाओं को दिन में दो बार 1-2 ग्राम शतावरी लेने की सलाह दी जाती है।
- शतावरी गर्भावस्था में महिलाओं के लिए बेहद लाभकारी है। यह महिलाओं को कसीव करने में मदद करने के साथ-साथ और भी कई फायदे देता है। इसमें अधिक मात्रा में फोलेट पाया जाता है जो गर्भावस्था में महिलाओं के लिए जरुरी होता है। यह गर्भस्थ शिशु के मस्तिष्क से लेकर उसके अंगों के विकास में मददगार है। शतावरी का सेवन मां के दूध को बढ़ाने में भी मदद करता है इससे उसके बच्चे को दूध की कोई कमी महसूस नहीं होती है।
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