नई दिल्ली। Health Tips: चिकनगुनिया से ग्रस्त व्यक्ति हड्डियों और मांसपेशियों के दर्द से बहुत परेशान रहता है। चिकनगुनिया से ग्रस्त व्यक्ति अगर ठीक भी हो जाए तो बीमारी का प्रभाव कई महीनों और सालों बाद भी दिखाई पड़ सकता है। इसलिए इसे बिल्कुल भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। चिकनगुनिया के बुखार में व्यक्ति को बहुत परहेज और साथ ही सही खानपान की आवश्यकता होती है। तो आइए जानते हैं कुछ ऐसी चीजों के बारे में जो चिकनगुनिया से लड़ने के लिए आपके शरीर को सक्षम बनाती हैं...
- सूप
चिकनगुनिया के बुखार से पीड़ित व्यक्ति को घर पर ताजा सब्जियों का सूप बनाकर पीने से फायदा होता है। इसके लिए आप विटामिन ए से भरपूर गाजर का सूप, और विटामिन सी से भरपूर टमाटर का सूप का सेवन कर सकते हैं। इनके सेवन से बीमारी को जल्द ठीक करने में मदद मिलती है। इसके अलावा ब्रोकली का सूप भी फायदेमंद हो सकता है, जो कि विटामिन सी युक्त होता है। अतः पोषक तत्वों से भरपूर इन सूप के सेवन से चिकनगुनिया के लक्षणों से राहत दिलाने में मदद मिलती है।
- नारियल पानी
अगर आप चिकनगुनिया बुखार से पीड़ित हैं, तो नारियल पानी फायदेमंद हो सकता है। क्योंकि इस स्थिति में नारियल पानी शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है। साथ ही में नारियल पानी आपको हाइड्रेट रखने के लिए भी एक बेहतर विकल्प है। विशेषज्ञों का मानना है कि, दिन में 2-3 बार नारियल पानी के सेवन से यह आपको जल्दी स्वस्थ करने में मदद कर सकता है।
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- जौ का सत्तू
चिकनगुनिया बुखार से पीड़ित लोगों को जौ के सत्तू को अपने आहार का हिस्सा बनाना चाहिए। क्योंकि जौ के सत्तू का सेवन करने पर यह आपके लीवर को डिटॉक्सिफाई करने में सहायक होता है।
- आयुर्वेदिक हर्ब्स
प्राचीन समय से ही बहुत सी बीमारियों में जड़ी-बूटियों से इलाज करना एक प्रभावी उपाय रहा है। इसी प्रकार तुलसी के पत्तों को चबाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोतरी होकर बुखार को कम करने में मदद मिल सकती है। दूसरी ओर अजवाइन, गुड़, सौंफ, जीरा और नींबू से बनी हर्बल चाय भी मांसपेशियों और जोड़ों के दर्द से राहत दिलाने में कारगर होती है।
- गिलोय का रस
गिलोय के बहुत सी समस्याओं में चमत्कारी फायदे माने गए हैं। चिकनगुनिया से निपटने के लिए भी गिलोय का रस बहुत कारगर होता है। यह हमारे शरीर में बुरे बैक्टीरिया से लड़कर रक्त शुद्धीकरण करता है। चिकनगुनिया से पीड़ित व्यक्ति को एक गिलास पानी में कुछ बूंदें गिलोय के रस की मिलाकर दिन में दो बार सेवन करना ठीक रहता है। साथ ही ध्यान रखें कि, इसका अधिक सेवन न करें। इसके अतिरिक्त गिलोय के डंठल को पानी में उबालकर उसका रस भी निकाला जा सकता है।

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