Coronavirus: कोरोना वायरस संक्रमण ने जहां पूरी दुनिया में तबाही मचाई है, वहीं अब टीकाकरण के बाद कुछ राहत की खबरें भी मिल रही है। देश ने कोरोना वायरस की दूसरी लहर का सबसे क्रूर चेहरा देखा है। इस दौरान प्रतिदिन कोरोना के नए मामले 4.5 लाख तक पहुंचने लगे थे और प्रतिदिन 4 हजार से ज्यादा की मौत हो रही थी। देश भर में अभी भी कोविड-19 के करीब 40 हजार नए मामले आ रहे हैं। कोरोना वायरस को हराने के लिए टीकाकरण सबसे जरुरी है। देश भर में टीकाकरण की रफ़्तार अभी धीमी गति से चल रही है। लेकिन जल्द ही अन्य वैक्सीन को मंजूरी मिलने के बाद इसमें गति मिलेगी।
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शनिवार को करीब 56 लाख लोगों को लगाई गई वैक्सीन
पिछले 24 घंटे में देश भर से करीब 3500 से अधिक नए मामले आये हैं। यह लगातार तीसरा दिन है जब 40 हजार से कम मामले आए हैं। प्रतिदिन होने वाली मौतों की संख्या में भी गिरावट आई है। कोरोना टीकाकरण की बात करें तो 50,68,10,492 डोज लगाई जा चुकी है। शनिवार के दिन 55,91,657 लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाई गई है। कोरोना की संभावित तीसरी लहर को ध्यान में रखते हुए केंद्र और सभी राज्य सरकारें भी एहतियात के तौर पर हरसंभव प्रयास कर रही है। भारत सरकार ने सिंगल डोज वाली जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन को भी मंजूरी दे दी है।
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कोरोना वैक्सीन के बाद बनने वाली एंटीबॉडी का प्रभाव
कोरोना वैक्सीन की पहली और दूसरी डोज़ लगने के बाद एंटीबॉडी तैयार होती है जो कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ने में सक्षम होती है। वैक्सीन हमें गंभीर बीमारी से सुरक्षा प्रदान करती है। आखिर बहुत से लोग यह जानना चाहते हैं कि हमारे शरीर में बनने वाली एंटीबॉडी कितने समय तक प्रभावी रहती हैं। हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक, वैक्सीन का प्रभाव करीब 9 महीने तक रहता है। जिसमें से 6 महीने तक तो एंटीबॉडीज पूरी तरह से प्रभावी रहती हैं, उसके बाद इसका प्रभाव कम होने लगता है। वर्तमान में वैक्सीन की दो डोज लगाई जा रही है। जे &जे की सिंगल डोज वैक्सीन की मंजूरी मिली है। आने वाले समय में जरुरत के अनुसार बूस्टर डोज भी लगाई जा सकती है।
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दो वैक्सीन का मिश्रण ज्यादा फायदेमंद
कोरोना टीकाकरण में नियत अंतराल पर वैक्सीन की दो डोज लगाई जा रही हैं। दुनिया भर में मिक्स डोज को लेकर भी शोध किए जा रहे हैं। दो अलग-अलग वैक्सीन की खुराक व्यक्ति को दिए जाने को लेकर रिसर्च किए जा रहे हैं। इस बीच इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) ने खास शोध किया है। इस रिसर्च में दावा किया गया है कि कोविशील्ड और कोवैक्सिन की मिक्स डोज से लोगों को अधिक फायदा मिल रहा है। इसका असर एक ही वैक्सीन की दो डोज से भी ज्यादा होता है।
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