नई दिल्ली। आज के समय में खराब जीवन शैली की वजह से किडनी, फेफड़े, हार्ट सबंधी कई रोगों का शिकार हो जाते हैं। उन्हीं में से एक है ब्रेन ट्यूमर। हर साल 8 जून को विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस (World Brain Tumor Day 2021) मनाया जाता है। यह ट्यूमर मस्तिष्क की कोशिकाओं में होता है। जब ब्रेन में अनियंत्रित रूप में कोशिकाएं बढ़ने लगती हैं या फिर जमने लगती है तो ब्रेन ट्यूमर जानलेवा भी साबित हो सकता है। इसकी सबसे घातक बीमारियों में गिनी जाती है। इस दिवस को मनाने के पीछे उद्देश्य है कि लोगों को ब्रेन ट्यूमर के बारे में जागरूक करना। चिकित्सा विशेषज्ञों का यह मानना है कि दुनियाभर में रोजाना एक लाख में से दस लोग ब्रेन ट्यूमर के कारण मरते हैं।
ब्रेन ट्यूमर क्या है:—
मस्तिष्क में अचानक असामान्य कोशिकाओं का बढ़ जाने को ब्रेन ट्यूमर कहते है। ब्रेन ट्यूमर कई प्रकार के होते हैं। इसमें मस्तिष्क के खास हिस्से में कोशिकाओं का गुच्छा बन जाता है। यह कई बार कैंसर की गांठ में तब्दील हो जाता है। ब्रेन ट्यूमर को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। सही समय पर इसकी जानकारी होना बहुत जरूरी है।
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ब्रेन ट्यूमर के लक्षण:—
— सुबह उठते ही तेज सिरदर्द
— अचानक से बेहोशी आना।
— आंखों से धुंधला दिखाई देना।
— बोलने में परेशानी होना।
— अधिक थकान होना।
— याददाश्त कमजोर होना।
— चलते-चलते अचानक लड़खड़ाना लगे।
— शरीर में अचानक किसी भी तरह की संवेदना महसूस न होना।
— मांसपेशियों में ऐंठन महसूस होना।
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ब्रेन ट्यूमर का इलाज:—
ब्रेन ट्यूमर का इलाज कुछ चीजों का विशेष ध्यान रखना होता है। जैसे ट्यूमर का प्रकार, स्थिति, आकार, कितना फैला हुआ है, कोशिकाएं कितनी असामान्य है आदि देखकर किया जाता है। इसका निम्न प्रकार से इलाज किया जाता है।
— सर्जरी
— कीमोथेरेपी
— रेडिएशन थेरेपी
— माइक्रो एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी
— रेडियो सर्जरी
— टारगेट ड्रग थेरेपी
विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस का इतिहास:—
विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस वर्ष 2000 से हर साल 8 जून को मनाया जाता है। इस दिन को पहली बार जर्मनी में जर्मन ब्रेन ट्यूमर एसोसिएशन (ड्यूश हिरनटूमोरहिल्फ ई.वी.) द्वारा आयोजित किया गया था। यह ब्रेन ट्यूमर के बारे में लोगों के बीच शिक्षा और जन जागरूकता प्रसारित करने वाला एक गैर लाभकारी संगठन है। इस बीमारी से अकेले जर्मनी में आठ हजार से अधिक लोग पीड़ित है। भारत में भी ब्रेन ट्यूमर बढ़ता जा रहा है।
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