सवाल- मेरी मां 76 वर्ष की हैं। पिछले एक साल से उन्हें नकसीर की समस्या है। यह कभी भी हो जाता है। कभी एक-दो दिन पर तो कभी सप्ताह में एक बार हो ही जाता है। इसका इलाज भी करा चुके हैं लेकिन समस्या दूर नहीं हो रही है। इलाज की पर्ची भेज रहा हूं?
एक पाठक
जवाब- इसके कई कारण हो सकते हैं। ज्यादातर समस्या नाखूनों से नाक के अंदर कुरेदने से हो सकती है। नाक के अगले भाग में खून की एक जाल होती है। चोट लगने से ऐसा हो सकता है। अधिक उम्र में हाई ब्लड से भी ऐसा हो सकता है। इनकी मां को बीपी है और बीपी बढऩे से ऐसा हो सकता है। जो लोग खून की पतला कराने की दवा लेते हैं उनमें भी यह समस्या अधिक होती है। इसमें जरूरी है कि नाक से दूरबीन की जांच करवाएं। नाक को न छेडें़ और बीपी को नियंत्रित रखें। हैल्दी डाइट लें।
सवाल- मेरी उम्र 57 वर्ष है। मेरे नाक की एक छिद्र हमेशा और एक थोड़ा बंद रहती है। इस कारण प्राणायाम नहीं कर पाता हूं। अगर नाक खोलने के लिए इसमें कुछ डालता हूं तो भी लाभ नहीं मिलता है। इससे गले में आवाज आने लगती है। गले में दर्द होने लगता है। इलाज बताइए।
एक पाठक
जवाब- हो सकता है कि आपकी नाक की आंतरिक हिस्से में बनावट में गड़बड़ी हो सकती है। नाक के अंदर टिश्यू या फिर पॉलिप बन गए होंगे। नाक में रुकावट होने से ही दिक्कत है। सामान्य रूप से सर्दी-जुकाम से नाक बंद होने पर कुछ डालने से खुल जाता है। कई बार जिनकी नाक टेढ़ी होती है उनका एक तरफ वाली छेद कम खुली होती है। उसे हिस्से सांस कम आती है। जिनकी नाक बंद रहती है और मुंह से सांस लेते हैं तो गला सूख जाता है। इससे गले में दर्द होता है। गले में दर्द का कारण नाक बंद रहना है।
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