कोरोना एंटीबॉडी (Corona Antibody) पर शोध कर रहे शोधकर्ताओं ने हाल ही इटली के आइएसएस राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान के साथ मिलकर कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके 162 रोगियों का अध्ययन किया। शोध के अनुसार कोविड-19 (Covid-19) एंटीबॉडी कम से कम 8 महीने तक संक्रमितों के रक्त में बने रहते हैं। मिलान (Milan) के सैन रैफेल अस्पताल के अनुसार, रोग की गंभीरता, मरीजों की उम्र या अन्य बीमारियों के बावजूद संक्रमितों के शरीर में ये एंटीबॉडी मौजूद हैं। शोधकर्ताओं ने मार्च और अप्रैल में और इसके बाद बचे लोगों से नवंबर के अंत में रक्त के नमूने एकत्र किए।
लेकिन... इन्हें खतरा ज्यादा
शोध में कहा गया है कि जिन संक्रमित लोगों में पॉजिटिव होने के पहले 15 दिनों के भीतर एंटीबॉडी नहीं बनती है, उनमें वायरस के गंभीर होने का अधिक खतरा होता है। शोध में शामिल दो तिहाई मरीज पुरुष थे। औसत आयु 63 वर्ष थी और इनमें से लगभग 57 प्रतिशत में पहले से उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी बीमारियां मौजूद थीं। अध्ययन नेचर कम्युनिकेशन साइंटिफिक जर्नल में प्रकाशित हुआ है। शोध में रोग से उबरने में एंटीबॉडी के विकास के महत्व पर भी जोर दिया गया है।
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