क्या है नई तकनीक
तेज रिकवरी वाली सर्जरी के नाम से मशहूर आर2आर तकनीक में सर्जरी के दौरान दर्द नहीं के बराबर होता है। इस तकनीक से सर्जरी के 3 घंटे बाद ही मरीज चल सकता है। इस विधि से सर्जरी में न तो खून के बहाव को रोका जाता है और न ही लंबे समय तक के लिए बेहोशी का इंजेक्शन लगाया जाता है। इस सर्जरी में करीब 15-17 मिनट का ही समय लगता है।
अधिक उम्र में भी संभव
इस तकनीक से अधिक उम्र के लोगों में भी आसानी से सर्जरी की जा सकती है। इसमें चीरा छोटा लगता है इसलिए खून का बहाव भी बहुत कम होता है।
हड्डी में हल्का कट लगता
जटिल मरीजों में भी सर्जरी है आसान
पहले सर्जरी में मरीज को कैथेटर लगते हैं ताकि यूरिन निकलने में कोई दिक्कत न हो। ऐसे ही ïसर्जरी के पास एक पाइप (डे्रन पाइप) लगाते हैं ताकि पस या खराब खून बाहर निकले। कैथेटर और डे्रन ट्यूब से कई बार संक्रमण भी होता है। कैथेटर से यूटीआइ का खतरा रहता है लेकिन आर2आर तकनीक में इन पाइप की जरूरत नहीं है।
डॉ. धीरज मारोठी जैन, वरिष्ठ जोड़ प्रत्यारोपण विशेषज्ञ, रेस नी क्नीनिक, अहमदाबाद
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3uYKvvd
No comments:
Post a Comment