माइग्रेन केवल सिर में ही नहीं पेट में भी होता है। यह छोटे बच्चों में ज्यादा देखने को मिलता है। इसे एब्डोमिनल माइग्रेन कहते हैं। कुछ बच्चों में उम्र बढऩे के साथ ठीक भी हो जाता है। इसमें बच्चे के पेट में तेज दर्द होता है।
सुबह देर से उठना भी कारण
यह कारण स्पष्ट नहीं है लेकिन हार्मोन असंतुलन भी मानते हैं। जो बच्चे देर रात में सोते और सुबह देरी से उठते हैं। उनमें यह दिक्कत ज्यादा होती है।
फास्ट फूड से परेशानी
चाइनीज फूड्स और इंस्टेंट नूडल्स में मोनोसोडियम ग्लूटामेट या एमएसजी इस्तेमाल होता है। प्रोसेस्ड फूड्स, चॉकलेट के ज्यादा खाने से भी दिक्कत होती है। पेट में ज्यादा हवा निगलने से भी ऐसा हो सकता है।
संभावित लक्षण
पेट में तेज दर्द, पेट का रंग पीला होना, दिनभर थकान और सुस्ती, भूख कम लगना और खाने-पीने का मन न करना, आंखों के नीचे काले घेरे आना आदि एब्डॉमिनल माइग्रेन के लक्षण हैं। कई बार इसका दर्द आधे से एक घंटे में ही स्वत: ठीक हो जाता है। लेकिन कुछ गंभीर मामलों में यह दर्द 2-3 दिन तक भी रह सकता है। जिन बच्चों को छोटी उम्र में यह परेशानी होती है। वयस्क होने पर भी उनमें यह दिक्कत बनी रह सकती है। लड़कियों में यह परेशानी ज्यादा देखने को मिलती है।
ऐसे मिलती है राहत : स्थाई इलाज नहीं है। लक्षणों का इलाज होता है। दिनचर्या सही रखें। नींद पूरी लेने दें। कोशिश करें कि ऐसे बच्चों के पेट में कब्ज न होने पाएं।
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