हाथ पैरों का सुन्न होना, हाथ पैरों में झुनझुनी आना, मांसपेशियों में दर्द, डिप्रेशन, बेहोशी, दांतों में सड़न, त्वचा में रूखापन, नाखूनों की अवस्था बदलना आदि नजर आता है। तो निश्चित ही आपके शरीर मे कैल्शियम की कमी है। कैल्शियम की कमी के कारण व्यक्ति को कई प्रकार की बीमारियां घेर लेती है। इसलिए जरूरी है कि समय से कैल्शियम की कमी को पूरा किया जाए।कैल्शियम से ही हड्डियां मजबूत होती है और व्यक्ति के शरीर का चौमुखी विकास होता है।
जानकारी के अनुसार जब खून में कैल्शियम का लेवल कम हो जाता है। तो इसे कैल्शियम की कमी यानी Hypocalcemia कहा जाता है। कैल्शियम की कमी होने पर लंबे समय तक इलाज नहीं करवाने से इसका असर अन्य अंगों जैसे मस्तिक, नाखून, आंख, दांत आदि पर नजर आने लगता है।
यह है कैल्शियम की कमी के लक्षण-
कैल्शियम की कमी का सबसे अहम लक्षण हाथ पैरों की उंगलियों में झनझनाहट है। अगर ऐसा होता है तो अपने चिकित्सक को दिखाएं और जांच कराएं कि क्या कैल्शियम की कमी है। क्योंकि कई बार एक जैसी अवस्था में बैठे रहने से भी हाथ पैर सुन्न हो जाते हैं। इसी के साथ कैल्शियम की कमी के कारण हाथ और पैरों में अकड़न आती है। व्यक्ति को किसी भी काम या किसी एक्टिविटी को करने के बाद काफी थकावट महसूस होती है। थोड़ा सा चलने या काम करने पर काफी थकावट होने लगती है। कैल्शियम की कमी के कारण व्यक्ति को भूख भी नहीं लगती है और नाखून कमजोर होते हैं। इसी के साथ खाना निगलने में भी कठिनाई होती है।
इस कारण होती है शरीर में कैल्शियम की कमी-
ब्लड में प्रोटीन लेवल कम होने से कैल्शियम की कमी हो जाती है। यानी जब व्यक्ति के शरीर को पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन नहीं मिलता है, तो कैल्शियम की कमी होती है। जिसका मुख्य कारण भागदौड़ भरी जिंदगी में सेहत पर ध्यान नहीं देना है। लोग ठीक से खाना भी नहीं खा पाते हैं। पौष्टिक आहार नहीं लेने के कारण शरीर में कैल्शियम की कमी आती है। इसी के साथ कई बार दवाइयों के साइड इफेक्ट से भी कैल्शियम की कमी आ जाती है। हार्मोन में होने वाले बदलाव के कारण भी कैल्शियम की कमी संभावित है। कुछ लोगों में कैल्शियम की कमी जेनेटिक होती है। इसलिए जब बॉडी में कैल्शियम की कमी के लक्षण नजर आए तो तुरंत चेकअप कराना चाहिए।
कैल्शियम की कमी को ऐसे करें दूर-
कैल्शियम की कमी को दूर करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण उपाय खानपान में बदलाव करना है। यानी कैल्शियम युक्त चीजें अधिक से अधिक खानी है। जैसे दूध, दही आदि। जिससे कि कैल्शियम की कमी जल्द से जल्द पूरी हो। इसी के साथ एक्सरसाइज के माध्यम से भी कैल्शियम की कमी पूरी हो सकती है। इसके लिए व्यक्ति को पैदल चलना चाहिए, दौड़ना चाहिए, जोगिंग करना चाहिए, ताकि शरीर में कैल्शियम की कमी पूरी हो। इसी के साथ बाजार में कई ऐसे सप्लीमेंट भी मिलते हैं। जिनका सेवन करने से कैल्शियम की कमी को पूरा किया जा सकता है। लेकिन यह सप्लीमेंट भी चिकित्सक की सलाह के अनुसार लिए जाने चाहिए। ताकि शरीर पर किसी प्रकार का विपरीत असर नहीं हो।
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