यदि आप एक कचोरी खा लेते हैं तो इसमें लगभग 15 मिलीग्राम तेल होता है जो आपके प्रतिदिन की आवश्यकता के बराबर है। इस एक्स्ट्रा तेल को कन्ज्यूम करने के लिए 60 मिनट पैदल चलना होगा। अन्यथा फैट के रूप में शरीर मे जमा होता रहेगा। इस प्रकार हमें सिर्फ घर पर तैयार किए गए भोजन में ही तेल की मात्रा को नियंत्रित नहीं करना होगा, बल्कि बाहर की डीप फ्र्राइड खाद्य वस्तुओं के सेवन से बचना होगा।
शरीर में फैट की मात्रा बढ़ाते
डीप फ्राइड कचौरी, समोसा, पकौड़ी, फ्रेंच फ्राइज, मठरी आदि ना केवल शरीर में फैट की मात्रा बढ़ाते हैं, बल्कि बाजार में इन्हें जिस तेल से तैयार किया जाता है उसे अनेक बार स्मोक पॉइंट से अधिक तापमान पर गर्म करने से उसके पोषक तत्व तो नष्ट होते ही हैं एवं ट्रांसफेट की मात्रा बढ़ती है साथ ही ऑक्सीकरण, हाइड्रोलायसिस, पॉलिमेराइजेशन आदि रासायनिक क्रियाओं से स्वास्थ्य के लिए खतरनाक टॉक्सीन, फ्री रेडिकल शरीर में जाते हैं जो घातक बीमारियों का कारण बनते हैं।
25 गुना तक अधिक एसिडिटी
इस प्रकार के उपयोग में लिए जा रहे तेल के नमूने अनेक बार जांच रिपोर्ट में स्वास्थ्य के लिए घातक पाए गए हैं जिनमें हानिकारक तत्वों की उपस्थिति एवं तेल की एसिडिटी 25 गुना तक अधिक पाई गई है।
चबा चबाकर खाएं, नींद अच्छी आएगी
गांठ बांध लें कि रात को कम खाएं और चबा चबाकर खाएं। इससे आप हेल्दी भी रहेंगे और नींद भी अच्छी आएगी। रात में हमारा पाचन तंत्र निष्क्रिय होता है, जिससे हमारे शरीर के लिए भारी भोजन पचाना खाने से जुड़ी है। ज्यादा खाने से अपच, गैस और कब्ज की समस्या हो सकती है।
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