सुबह उठने के बाद सबसे पहले एक से दो गिलास गुनगुना पानी पीएं। रिफ्रेश होकर भीगे बादाम और अखरोट खाएं। सुबह उठने के 2-3 घंटे के अंदर कम वसा युक्त दूध के साथ उपमा, दलिया, इडली ब्रेकफास्ट लें। दोपहर से पहले (सुबह 11 बजेतक) मौसमी फू्रट, नारियल पानी लें। हर 2 माह में खाद्य तेल बदलें। लंच में सलाद, चपाती, दही, 2 कटोरी सब्जी, अंकुरित बीन्स व डिनर में वेजिटेबल सूप, चपाती ले सकते हैं। करी पत्ता, लहसुन, अदरक, राई, एवोकैडो, नट व चिया सीड हृदय के लिए सेहतमंद माने जाते हैं।
खानपान के साथ व्यायाम भी : नियमित व्यायाम दिनचर्या में शामिल करें। सप्ताह में पांच दिन 150 मिनट साइकिलिंग, ब्रिस्क वॉक, रनिंग, एरोबिक्स व जॉगिंग करें। एरोबिक हृदय के लिए फायदेमंद है। बीपी, कोलेस्ट्रॉल, वजन घटाने में कारगर है। यदि कोई तकलीफ नहीं है तो आप आज से ही व्यायाम शुरू कर सकते हैं।
आयुर्वेद में आहार : चिकनाई युक्त, पचने में भारी, फास्टफूड व वसा युक्त आहार से परहेज करें। सुबह-शाम अर्जुन की छाल का काढ़ा पीएं। नियमित शहद, लौकी का जूस, आंवला, कच्चा लहसुन, अश्वगंधा, गुग्गल, दूध के साथ अश्वगंधा चूर्ण या दूध में लहसुन उबालकर पीने से हृदय संबंधी तकलीफ में आराम मिल सकता है।
लाफिंग थैरेपी से हार्ट मजबूत : इससे हृदय का व्यायाम होता है। एंडोर्फिन रसायन निकलने से हृदय मजबूत बनता है। रात में लाफिंग थैरेपी से शुगर लेवल में भी फायदा मिल सकता है।
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