कोरोना से ठीक हो चुके मरीजों में तेजी से एंटीबॉडीज कम हो रही है। इससे उनमें दोबारा संक्रमण की आशंका बढ़ रही है। इम्पीरियल कॉलेज, लंदन की ओर से 3.65 लाख से अधिक लोगों की जांच में इसकी पुष्टि हुई है। आशंका है कि संक्रमित होने के छह से 12 माह के बाद दोबारा से कोरोना का संक्रमण हो सकता है। अध्ययन में देखा गया है कि युवाओं की तुलना में बुजुर्गों में तेजी से एंटीबॉडीज कम हो रही है। शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि 75 साल या उससे ज्यादा उम्र के मरीजों की तुलना में 18-24 आयुवर्ग के मरीजों की 'लॉस ऑफ एंटीबॉडीज' धीमी है। एक्सपर्ट की सलाह है कोरोना से बचाव के लिए सावधानी बरतें। इस अध्ययन में 20 जून से 28 सितंबर के बीच कोरोना वायरस एंटीबॉडीज के लिए घर पर तीन राउंड फिंगर प्रिक टेस्ट करवा चुके 3.65 लाख रैंडमली सेलेक्टेड वयस्कों को शामिल किया गया था। शोधकर्ताओं का कहना है कि अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि जिन्हें एक बार कोरोना हो गया है तो उनको दोबारा नहीं होगा।
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