न्यूयॉर्क. कोरोना का प्रकोप झेल रहे विश्व के ज्यादातर देशों को वैक्सीन का इंतजार है। लेकिन ऑक्सफेम की रिपोर्ट का सच निराशाजनक है। संस्था के मुताबिक दुनिया की कुल 13 फीसदी आबादी वाले अमीर देशों ने कोविड-19 की आधी वैक्सीन को खरीद लिया है। यानी जैसे ही वैक्सीन बनकर तैयार होगी, आधे वैक्सीन इनको मिल जाएंगे। एनालिटिक्स कंपनी के आंकड़ों के मुताबिक इस वक्त पांच वैक्सीन परीक्षण के अंतिम दौर में हैं और जल्द ही ये तैयार हो जाएंगी।
इन पांच दवा कंपनियों से हुआ सौदा
ऑक्सफैम ने जिन वैक्सीन का अध्ययन और किया है उनमें एस्ट्राजेनेका, गामालेया-स्पुतनिक, मॉडर्ना, फाइजर और साइनोवैक हैं। ये पांचों कंपनियां मिलकर कुल 590 करोड़ डोज बनाने की क्षमता रखती हैं। जो दुनिया के 300 करोड़ लोगों के लिए पर्याप्त वैक्सीन है। क्योंकि हर शख्स को दो डोज दी जाएंगी।
इन देशों ने खरीदी 50 फीसदी डोज
इन पांचों दवा कंपनियों के साथ समझौता कर अमीर देशों ने 50 फीसदी से ज्यादा डोज खरीद लिया है, यानी कोरोना वैक्सीन के करीब 270 करोड़ डोज। इन अमीर देशों में मुख्यत: अमरीका, ब्रिटेन, यूरोपीय यूनियर, हांगकांग, ऑस्टे्रलिया, मकाऊ, जापान, स्विटजरलैंड और इजराइल शामिल हैं। शेष 260 करोड़ डोज को भारत, बांग्लादेश, चीन, ब्राजील, इंडोनेशिया और मेक्सिको को दिया जाएगा।
कुल 590 करोड़ डोज बनाने की क्षमता है पांच वैक्सीन निर्माता कंपनियों की, इनमें 270 करोड़ पहले इन देशों को दी जाएगी।
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