बच्चों के स्वास्थ्य और बेहतर विकास के लिए पड़ोस का भी महत्त्व होता है। एक नए शोध में तो यही निष्कर्ष निकाला गया है। अमरीका की ब्रैंडिस यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने देश के 72 हजार जनगणना आंकड़ों का विश्लेषण कर यह जानने का प्रयास किया कि एक बच्चे के स्वस्थ्य और मानसिक विकास पर उसके पड़ोस का समय के साथ क्या प्रभाव पड़ता है। शोध के सह-लेखक क्लेमेंस नोएलके के अनुसार उपनगरीय क्षेत्र के बच्चों के मुकाबले मेट्रो शहरों के बच्चों में उनके पड़ोस के अलग-अलग प्रभाव देखने को मिले। उन्होंने अमरीका के 100 सबसे बड़े मेट्रो क्षेत्रों के ६७ फीसदी बच्चों पर यह शोध किया है।
7 साल कम हो जाती उम्र
शोध के अनुसार अच्छे माहौल वाले इलाके में 20 में से एक व्यक्ति गरीब था, लगभग तीन-चौथाई वयस्कों के पास कॉलेज की डिग्री थी और उनमें से लगभग 90 प्रतिशत कार्यरत हैं। वहीं 1 प्रतिशत से भी कम घर खाली हैं। जबकि उसी इलाके के खराब माहौल वाले क्षेत्र में आधे से ज्यादा परिवार जीवनयापन के लिए संघर्ष कर रहे हैं, 7 में से केवल 1 युवा के पास कॉलेज डिग्री थी और 5 में से 3 ही नौकरी करता है। 28 फीसदी मकान यहां खाली पड़े हैं। हैरानी की बात यह है कि पहले मोहल्ले में रहने वाले 630 बच्चों में से 94 फीसदी बच्चे श्वेत हैं जबकि दूसरे मोहल्ले के 1000 बच्चों में से 94 फीसदी अश्वेत अमरीकी हैं। यह भी सामने आया कि खराब माहौल वाले लोगों की उम्र दूसरों से 7 साल कम होती है।

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