बुढ़ापा आते ही डायबिटीज, गठिया, मोतियाबिंद, बीपी जैसी बीमारियां सताने लगती हैं, लेकिन कुछ विशेष उपायों से इस उम्र में भी फिट रहा जा सकता है।
खानपान पर नियंत्रण: वृद्धावस्था में घी, तेल से बनी हुई चीजें कम खाएं। इनसे कोलेस्ट्रोल बढ़ता है, जो आगे चलकर हृदय रोगों का कारण बन सकता है।
जोड़ों में दर्द: दानामेथी या अशगंध पाउडर एक चम्मच रोजाना सुबह-शाम पानी के साथ लेने से आराम मिलता है।
आंखें: गाजर का जूस पीएं या सलाद खाएं। एक चम्मच त्रिफला चूर्ण रात को भिगोकर रख दें, सुबह होने पर इसे सूती कपड़े से छान लें, इस पानी से आंखें धोएं।
ये भी जरूरी-
खाने में दूध, दही, छाछ, सलाद, अंकुरित अनाज,हरी सब्जियां, दलिया, खिचड़ी आदि शामिल करें। आंवला, हरड़, अशगंध, ब्राह्मी से बने हुए योग जैसे च्यवनप्राश, त्रिफला चूर्ण,ब्राह्मी वटी, अशगंध चूर्ण रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं और शरीर को फिट बनाते हैं, इन्हें डॉक्टर की सलाह से ले सकते हैं।
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