इन्हें लेने के तीन तर्क
विटामिन्स की गोलियां लेने के पीछे मुख्य तीन वजहें होती हैं। थकान दूर होगी, इम्युनिटी और उम्र-ताकत बढ़ेगी। लेकिन किसी भी शोध में यह नहीं पाया गया है कि इससे लाभ मिलता है। हां, उन मरीजों में इसके लाभ हैं जिनकी शरीर में इनकी कमी है लेकिन अपने मन से विटामिन लेने से कई तरह के नुकसान होते हैं। विटामिन ए की अधिकता सिरदर्द व दस्त, विटामिन बी ज्यादा होने से जोड़ों में दर्द, उल्टी-दस्त, सी से सिरदर्द, उल्टी-दस्त, डी से किडनी को नुकसान व खून में कैल्शियम ज्यादा होता है। विटामिन ई से त्वचा को नुकसानन और लकवा हो सकता है। प्रोटीन से मसल्स को नुकसान होता है।
फैट सॉल्यूबल विटामिन से ज्यादा नुकसानदायक
दो तरह के विटामिन्स होते हैं। वॉटर व फैट सॉल्यूबल। वॉटर सॉल्यूबल पानी में घुलनशील होते जो अधिक होने पर यूरिन से निकल जाते हैं। इसमें विटामिन बी और सी आते हैं, जबकि फैट सॉल्यूबल शरीर में जमा हो जाते हैं। इसमें विटामिन ए, डी, ई और के हैं। इनकी अधिकता से मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है। ज्यादा नुकसान होता है।
क्लीनिकल ट्रायल में इन दवाइयों की पुष्टि नहीं
मल्टीविटामिन्स को लेकर अभी तक कोई क्लीनिकल ट्रॉयल नहीं हुआ है कि जो यह कहे कि इन्हें लेने से इम्युनिटी, उम्र या ताकत बढ़ती है। बिना डॉक्टरी सलाह के लेने से नुकसान होता है। हाल ही एक अध्ययन में कहा गया है कि विटामिन सी, जिंक और सेलेनियम भी कोरोना से नहीं बचाता है। इनकी जगह ऐसे फल-सब्जियां खाएं जिनमें ये ज्यादा मिलते हैं।
डॉ. आरएस खेदड़, सीनियर फिजिशियन, इटर्नल हॉस्पिटल, जयपुर
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