भारत कोविड-19 संक्रमण से प्रभावित दुनिया का छठा देश है। बावजूद इसके विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का मानना है कि भारत अब तक कोरोना वायरस के विस्फोट से बचा हुआ है। डब्ल्यूएचओ के आपातकालीन स्वास्थ्य कार्यक्रम के कार्यकारी निदेशक माइकल रेयान (MICHAL REYAN) ने शुक्रवार को जिनेवा में कहा कि भारत में कोरोना वायरस के मामलों का दोगुना समय इस समय तीन सप्ताह के स्तर पर है। लेकिन ऐसा होने का खतरा अब भी बना हुआ है क्योंकि देश में हाल ही लंबे अंतराल के लॉकडाउन के बाद ढील दी गई है। इस डील में 8 जून को और रियायत दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि भारत में कोरोना का वैसा प्रकोप नहीं है जैसे अमरीका, इटली, FRANCE समेत अन्य यूरोपीय देशों में है, लेकिन यहां अब भी कोरोना संक्रमण के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। रेयान ने कहा कि भारत में कोरोना वायरस का प्रभाव विभिन्न हिस्सों में अलग है। यहां शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में काफी अंतर है।
दक्षिण एशिया में कोरोना विस्फोट नहीं
रेयान ने यह भी कहा कि भारत के अलावा बांग्लादेश और पाकिस्तान समेत दक्षिण एशिया के अन्य देशों में घनी आबादी होने के बावजूद अभी तक इस महामारी का विस्फोट नहीं हुआ है। लेकिन ऐसा होने का जोखिम अब भी बना हुआ है। रेयान ने कहा कि भारत में किए गए लॉकडाउन जैसे राष्ट्रव्यापी उपायों से वायरस का प्रसारण धीमा करने में मदद मिली है लेकिन लॉकडाउन में ढील का दायरा बढऩे से परिस्थितियों में कभी भी बदलाव आ सकता है। ऐसा अन्य देशों में भी हो चुका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत में वायरस के बहुत तेज गति से नहीं फैलने की बात भी कही है।
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