पथरी की शुरुआत से ही रोकथाम किडनी को सेहतमंद रखती है। मेयो क्लीनिक के शोधकर्ताओं ने शोध में पाया कि किडनी में केवल एक पथरी बनने से भी इसकी कार्यक्षमता प्रभावित होती है। आमतौर पर रक्त की कोशिकाओं द्वारा बनने वाले विशेष प्रोटीन सिस्टेटिन-सी की सामान्य मात्रा किडनी के स्वस्थ होने की ओर इशारा करती है। लेकिन पथरी से इस प्रोटीन का स्तर बढ़ता है साथ ही यूरिन के जरिए भी अधिक प्रोटीन बाहर निकलता है। इनसे किडनी से जुड़े गंभीर रोगों की आशंका बढ़ती है।
कमेंट: किडनी में थोड़ा सा दबाव भी यदि लंबे समय तक रहे तो इसमें सूजन व इंफेक्शन की आशंका बढ़ जाती है। किडनी बीमार होने से फेल्योर की आशंका भी दोगुनी हो जाती है।
आर्थराइटिस की दवा से गुर्दे के रोगों का इलाज-
रुमेटॉएड आर्थराइटिस के इलाज में प्रयोग होने वाली ड्रग को इंग्लैंड के शोधकर्ताओं ने किडनी संबंधी रोगों के इलाज में भी उपयोगी माना। विशेषकर उन स्थितियों में जिससे किडनी फेल हो सकती है। 'न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन' में प्रकाशित शोध के अनुसार आर्थराइटिस में जोड़ों पर असर करने वाली कमजोर एंटीबॉडी को इम्यूनोमॉड्यूलेटरी ऑरेन्सिया दवा मजबूत रखती है। यह किडनी के मरीजों में ग्लोमेरुलस की क्षति को रोककर जिसके शरीर में प्रत्यारोपित किडनी लगी हो उसमें इसे स्वीकारने की क्षमता बढ़ाती है।
कमेंट: रुमेटॉइड आर्थराइटिस के इलाज में प्रयोग होने वाली इम्यूनोमॉड्यूलेटरी दवाओं के असर को देखने के बाद यह सामने आया है कि ये दवाएं किडनी की कार्यक्षमता बढ़ाती हैं।
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