ब्रिटेन के पश्चिमी यॉर्कशायर की पांच साल की स्कार्लेट निकोलस वेंटिलेटर पर केवल 20 फीसदी जिंदा रहने के अवसर के बीच एक नहीं तीन जानलेवा बीमारियों को हराया है। कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद स्कार्लेट को इससे जुड़ा एक नया सिण्ड्रोम टॉक्सिक शॉक सिण्ड्रोम (TSS) हो गया था। इतना ही नहीं वे कावासाकी डिजीज (एक ऐसी स्थिति जिसमें शरीर की कुछ रक्त वाहिकाओं की दीवारों में सूजन बन जाती है) से भी जूझ रही थी। चिकित्सकों ने उनके जीवित बचे रहने की लगभग सभी उम्मीदें खो दी थीं। लेकिन अपनी अदम्य इच्छा शक्ति और चिकित्सकों की मदद से स्कार्लेट ने न केवल तीनों बीमारियों कोहराया बल्कि वे अब अपने परिवार के साथ घर पर रह रही हैं और धीरे-धीरे स्वस्थ भी हो रही हैं। स्कार्लेट के माता-पिता नाओमी और पीयर्स रॉबट्र्स अब इन बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए सोशल मीडिया पर एक कैम्पेन चला रहे हैं।

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