अमरीका के बाद दुनिया में दूसरा सबसे ज्यादा संक्रमित वाले ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। दरअसल, सरकार ने देश की अधिकारिक वेबसाइट से कोरोना के सभी आंकड़े हटा लिए हैं। इस वेबसाइट पर अभी तक ब्राजील में कोरोना संक्रमितों की संख्या, मौत और इससे स्वस्थ हुए लोगों की संख्या बताई जा रही थी। देश के स्वास्थ्य मंत्रालय ने संक्रमितों की कुल संख्या जारी करना भी बंद कर दिया है। अब तक ब्राजील में 710,887 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। ब्राजील के राष्ट्रपति बोल्सोनारो ने कहा कि कोरोना के बढ़ते आंकड़े देश के मौजूदा हालात के बारे में सही तस्वीर नहीं दिखाते। सरकार की ओर से संक्रमण के मामलों को कम करने की कोशिश जारी है। गौरतलब है कि पिछले हफ्ते ही यहां मौतों का आंकड़ा 37,312 से ज्यादा हो गया है। गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण के लिहाज से ब्राजील अमरीका के बाद दूसरे पायदान पर है। जबकि मौत के लिहाज से यह तीसरे पायदान पर है।
केवल 24 घंटे के आंकड़े ही मिलेंगे
ब्राजील के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि अब वेबसाइट पर केवल देश में घटित पिछले 24 घंटों के मामलों और संक्रमण से हुई मौतों की ही जानकारी उपलब्ध होगी। मंत्रालय ने कहा कि वेबसाइट पर अब अन्य देशों की तरह हम भी कोरोना के कुल आंकड़ों की रिपोर्टिंग नहीं कर रहे हैं। गौरतलब है कि ब्राजील की ओर से यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब देश में हाल ही में किसी भी अन्य देश की तुलना में कोरोना से अधिक नई मौतें हुई हैं। इस लैटिन अमरीकी देश में अपर्याप्त कोरोना परीक्षण के कारण यहां संक्रमितों की संख्या शुरू से ही प्रदर्शित आंकड़ों से बहुत अधिक मानी जाती है। वहीं राष्ट्रपति बोल्सोनारो की विश्व स्वास्थ्य संगठन की कोरोना गाइडलाइंस को नजरअंदाज करने और अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की तरह मनमानी करने के कारण देशभर में आलोचना हो रही है। राष्ट्रपति बोल्सोनारो ने हाल के महीनों में कई बार विरोध प्रदर्शनों में सोशल डिस्टेंसिंग की अनदेखी कर समर्थकों को एकत्र होने दिया।
ट्विटर पर दी सफाई
वेबसाइट से data हटाए जाने के स्पष्ट कारण अभी तक सामने नहीं आए हैं। लेकिन बोल्सनारो ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा कि क्यूम्यूलेटिव डेटा (संचयी आंकड़े) देश में कोरोना की सही स्थिति नहीं दर्शाते। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि website से कोरोनासंबंधी सूचनाओं को क्यों हटा दिया गया। उन्होंने कहा कि कोरोना मामलों की रिपोर्टिंग में सुधार करने के मकसद से अतिरिक्त उपाय किए जा रहे हैं। उनके इस इस फैसले की पत्रकारों और कांग्रेस के सदस्यों ने भी जमकर आलोचना की है। ब्राजील में लगातार चार दिनों में 1000 से अधिक लोगों की मौत के बाद डेटा को हटाने का काम शुरू किया गया था।

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