Sunday, 24 May 2020

SPECIAL REPORT : पूर्वोत्तर के इस राज्य में क्यों नहीं हैं एक भी कोरोना संक्रमित

नई दिल्ली. देश के अन्य हिस्सों में फंसे राज्य के लोगों के घर लौटने से रोकने के लिए नगालैंड सरकार ने अनोखा तरीका अपनाया। ऐसे नागरिक जो दूसरे राज्यों में रह रहे हैं वे यदि घर वापस न लौटने का विकल्प नहीं चुनते हैं तो उन्हें 10 हजार रुपए सहायता राशि दी जाएगी। इस तरह 19,000 लोगों ने घर न लौटने के लिए अपने नाम पंजीकृत कराए। पिछले सप्ताह कोहिमा में कोरोना वायरस के परीक्षण के लिए प्रयोगशाला खोली है। ट्रेन व विमान सेवाएं शुरू होने के बाद अब राज्य सरकार क्वारंटीन सेंटर खोलने की तैयारी में है। जो लोग दूसरे प्रदेशों व देशों से लौट रहे हैं उन्हें दीमापुर व कोहिमा में 14 दिन के लिए क्वारंटीन किया जा रहा है।

लक्षद्वीप भी संक्रमण मुक्त
नगालैंड के अलावा लक्षद्वीप भी कोरोनोवायरस से मुक्त हो गया है। इसके अलाव पश्चिम बंगाल की सीमा से सटा राज्य सिक्किम एक दिन पहले तक संक्रमण मुक्त रखने में सफल रहा। एक दिन पहले दिल्ली से परीक्षाओं की तैयारी में गया छात्र संक्रमित मिला है, उसके साथ सफर कर रहे 12 अन्य यात्रियों को भी क्वारंटीन किया गया है। इससे 15 जून से स्कूल, कॉलेजों को खोलने की योजना खतरे में पड़ सकती है।

पूर्वोत्तर राज्यों संक्रमण रोकने में सफल
देश के अन्य क्षेत्रों की तुलना में, पूर्वोत्तर राज्यों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। एक संक्रमित मामले मिलने के बाद मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश में कोई सक्रिय केस नहीं हैं। असम अब तक सबसे ज्यादा प्रभावित है, जिसमें अब तक 329 मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार त्रिपुरा ने 189, मणिपुर 29 व मेघालय में 14 संक्रमित हैं।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3ereFiz

No comments:

Post a Comment