बीजिंग । इधर कुछ दिनों में अनेक अध्ययन से पता चला है कि अनेक देशों में पुष्ट पहला नोवेल कोरोना वायरस मामला वर्तमान समय से पहले आया था। ध्यान देने की बात है कि जुलाई 2019 में अमेरिका के वर्जिनिया राज्य में अकारण श्वास तंत्र की घातक बीमारी फैली थी। अमेरिकी मीडिया ने इस घटना की रिपोर्ट की थी। एबीसी ने जुलाई 2019 में रिपोर्ट की कि वर्जिनिया राज्य के एक रिटायर समुदाय में गंभीर श्वास तंत्र बीमारी फैली, जिससे 54 लोग संक्रमित हुए।
सीएनएन ने उस समय इस घटना की रिपोर्ट भी की थी। उसने कहा कि वर्जिनिया के ग्रीन स्परिंग रिटायर समुदाय में 54 लोग खांसी से निमोनिया तक श्वास तंत्र बीमारी से पीड़ित थे, जिनमें से दो लोगों की मौत हुई।
एबीसी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी रिटायर समुदाय की संक्रमणकारी रोग गत 30 जून को हुआ। यह समुदाय फोर्ट डेट्रिक में स्थित रहस्यमय बायो लैब से कार के जरिये सिर्फ 1 घंटे का समय लगता है। ध्यान रहे यह बायो लैब पिछले साल अचानक बंद हुआ था और इस साल फिर से संचालित हुआ।
10 मार्च को कुछ लोगों ने अमेरिकी सरकार से पिछली अगस्त में फोर्ट देट्रिक में स्थित बायो लैब को बंद किये जाने की वजह को सार्वजनिक करने की मांग की ताकि पता लगाया जा सके कि कहीं इस लैब में वायरस का रिसाव तो नहीं हुआ था।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3bjzGcO
No comments:
Post a Comment