coronavirus update: वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के ‘इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायलॉजी’ के वैज्ञानिकों ने कोरोना संक्रमण के परीक्षण की किफायती और सस्ती विधि को विकसित किया है, जिसमें मंहगी मशीनों के इस्तेमाल की कोई जरूरत नहीं होगी।
संस्थान के निदेशक अनुराग अग्रवाल ने बताया कि परीक्षण की इस विधि को देबज्योति चक्रवर्ती और सौविक मैती ने विकसित की है। इसका नाम फिल्मकार सत्यजीत रे की कहानियों में जासूस किरदार ‘फेलुदा’ ( Feluda ) के नाम पर रखा गया है।
उन्होंने बताया कि संस्थान के इन दोनों वैज्ञानिकों द्वारा विकसित इस विधि से एक घंटे से भी कम समय में कोरोना का परीक्षण किया जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि फिलहाल आरएनए को डीएनए में तब्दील कर शरीर में कारोना वायरस की पहचान करने वाले आरटी-वीसीआर विधि से कोविड-19 परीक्षण किया जा रहा है। इसमें काफी अधिक कीमत वाली पीसीआर मशीन की जरूरत होती है।
अग्रवाल ने कहा कि संस्थान द्वारा विकसित विधि से परीक्षण करने की किट का संबद्ध एजेंसियों द्वारा व्यवसायिक उत्पादन सफलतापूर्वक शुरु किए जाने पर कोरोना वायरस का परीक्षण सामान्य प्रयोगशालाओं में आसानी से किया जा सकेगा।
गौरतलब है कि भारत में कोरोनावायरस से 20 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं और 652 लोगों की मौत हो चुकी है।
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