हाल ही सोशल मीडिया दिग्गज फेसबुक के मालिक मार्क जुकरबर्ग ने बताया कि कोरोना वायरस से मुकाबला करने में वे भी अपना योगदान दे रहे हैं। उनकी कंपनी और कार्नेगी मेलन विश्वविद्यालय ने साथ मिलकर दुनिया भर में संभावित कोविड-19 मामलों के प्रसार पर नजऱ रखने में मदद कर रहे हैं। खासकर उन देशों में जहां अभी तक कोरोना के प्रसार को रोकने का कोई ठोस उपाय नहीं किया जा सका है। फेसबुक ने कार्नेगी मेलन विश्वविद्यालय के साथ मिलकर एक खास डिजिटल मैप भी बनाया है जिससे यह पता चलता है कि अमरीका सहित किन देशों में लोग कोरोना से ज्यादा संक्रमित लक्षणों का अनुभव कर रहे हैं। कंपनी ने एक लगातार अपडेट होने वाले सर्वेक्षण डेटा के आधार पर कार्नेगी मेलन के साथ मिलकर इस डिजिटल मैप को विकसित किया है। यह मैप खास रंग और उभरी हुई आकृति के साथ क्षेत्रीय स्तर तक नोवेल कोरोना वायरस के लक्षणों वाले अनुमानित आंकड़े प्रतिशत में दिखाता है।
फेसबुक को उम्मीद है कि वायरस के संबंध में हमारी समझ बढ़ाने में मैप का यह डेटा उपयोगी हो सकता है। क्योंकि वायरास के संक्रमण को रोकने के लिए पहले यह जानना बहुत जरूरी है कि यह कैसे फैल रहा है। इससे स्थानीय प्रशासन और सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए वेंटिलेटर और पीपीई जैसे आवश्यक संसाधनों के वितरण में भी आसानी होगी। शोधकर्ताओं का मानना है कि महामारी के इस दौर में सार्वजनिक निर्णय लेने में यह सर्वेक्षण मानचित्र महत्वपूर्ण उपकरण साबित हो सकता है। फेसबुक का कहना है कि इस सर्वेक्षण में 18 वर्ष से अधिक आयु के अमरीकी फेसबुक उपयोगकर्ताओं का एक नमूना भी शामिल है। अब कंपनी ने इस तकनीक को अलग-अलग देशों के अनुसार तैयार करने के लिए अतिरिक्त शोध शुरू कर दिया है। क्योंकि दुनिया भर में फेसबुक के 2 अरब यानी 2 बिलियन से अधिक सक्रिय उपयोगकर्ता हैं। इससे डिजिटल मैप पर प्रदर्शित होने वाला डेटा व्यावहारिक साबित हो सकता है। गोपनीयता संबंधी चिंताओं पर कंपनी का कहना है कि केवल कार्नेगी मेलन शोधकर्ता व्यक्तिगत सर्वेक्षण डेटा को देख सकते हैं। फेसबुक का कहना है कि वह रोज नए मामलों की जानकारी के साथ मैप को अपडेट करने की योजना बना रहा है।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2ySYFGg
No comments:
Post a Comment