रांची। जमशेदपुर टाटा ट्रस्ट की इकाई इंडिया हेल्थ फंड द्वारा समर्थित मोलबायो डायग्नोस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड ने कोरोना जांच किट तैयार करने का दावा किया है। भारत में बनाई गई यह ऐसी दूसरी सुविधा है, जिसे आइसीएमआर ने बहुत ही कम समय में प्रमाणित कर उपयोग करने की अनुमति दी है। टाटा स्टील ने यह जानकारी एक विज्ञप्ति में दी है। यह किट सेंटर फॉर हेल्थ रिसर्च एंड इनोवेशन के जरिये हाल ही में कोविड-19 के जांच के लिए इस्तेमाल में लाई गई थी। इस टेस्टिंग किट ट्रूनैट बीटा सीओवी टेस्ट को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च से अनुमति मिल गई है।
इस किट को कोविड-19 के लिए स्क्रीनिंग टेस्ट के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। दावा किया गया है कि इस किट की टेस्ट रिपोर्ट घंटेभर में मिल जाएगी। इससे एक ही दिन में जांच रिपोर्ट मिल सकती है और जरूरत पड़ने पर मरीज को दूसरे लोगों से दूर रखने की प्रक्रिया भी तुरंत शुरू की जा सकती है। इससे जांच रिपोर्ट के इंतजार करने तक संक्रमण फैलने का खतरा कम हो जाएगा। संस्थान ने कहा कि इस किट से जांच में 1350 रुपये या उससे कम खर्च आएगा।
मोलबायो डायग्नॉस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड के चीफ टेक्निकल ऑफिसर डॉ. चंद्रशेखर नायर ने बताया कि मोलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स की उपलब्धता को तेजी से बढ़ाना और उसके लिए आवश्यक वित्तीय सहायता मिलना आज सबसे ज्यादा जरूरी है। इससे कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारियों को नियंत्रण में रखने के लिए तैयार होने में मदद मिल सकती है।
इंडिया हेल्थ फंड के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर माधव जोशी ने भी कहा है कि इंडिया हेल्थ फंड की पहल पर क्वेस्ट फॉर इनोवेशन 2020 सभी उद्यमियों, इनोवेटर्स और वैज्ञानिकों के लिए अपनी कल्पनाओं और समाधानों को लेकर आगे आ रहा है। यह उनके टूल्स और तकनीक के विकास और इस्तेमाल में तेजी लाने के लिए इंडिया हेल्थ फंड के साथ सहयोग करने का एक अच्छा अवसर है।
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