तीन महीने पुराने इस वायरस के बारे में अब भी दुनिया के वैज्ञानिक रोज नई जानकारियां जुटा रहे हैं। इसके बारे में चिकित्सकीय जानकारी इतनी कम है कि 64,754 से ज्यादा लोगों की मौत के बाद भी अभी तक इसका इलाज नहीं ढूंढा जा सका है। हालांकि कुछ देशों में वैक्सीन विकसित करने की शुरुआती सफलता हाथ लगी है लेकिन पूरी तरह से उपयोग करने लायक इलाज मिलने में अब भी कम से कम 12-18 महीने का समय है। ऐसे में लाखों संक्रमित रोगियों को तुरंत स्वस्थ कर पाना अब भी दूर की कौड़ी है। आइए जानते हैं कोरोना वायरस के बारे में कुछ ऐसी जानकारियां जो अब तक हमारे सामने नहीं आई हैं।
01. 200 प्रकार के कोरोना वायरस हैं दुनिया में
02. 07 प्रकार के कोरोना वायरस ही मनुष्यों के लिए खतरनाक हैं
03. 04 प्रकार के कोरोना वायरस एंडेमिक रेस्पिरेटरी वायरस हैं। ये हैं एनएल63, 229ई, ओसी43 और एचकेयू1।
04. 15 से 30 फीसदी हर साल होने वाले सामान्य सर्दी-जुकाम (कोल्ड इन्फेक्शन) इन्हीं चारों से होता है
05. 02 वायरस सार्स और मर्स को प्रकोप यानी एपिडेमिक माना गया है, कोविड-19 इस समूह का तीसरा वायरस है जिसे महामारी माना गया है।
06. 26 देशों में फैल गया था सार्स वायरस चीन के गुआंगडोंग शहर से, 2002 में। 2012 में मर्स ने मध्य पूर्व में तबाही में लोगों को संक्रमित किया था।
07. 07वां सदस्य है नोवेल कोरोना वायरस कोविड-19 कोरोना परविार जिसकी उत्पत्ति के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है। हालांकि वैज्ञानिक सांप, चमगादड़ और हाल के शोधों के बाद पेंगोलिन को इसका वाहक मान रहे हैं।
08. 9.6 फीसदी है सार्स वायरस की मृत्यु दर जबकि मर्स कोरोना वायरस की मृत्यु दर 34.4फीसदी है
09. 8 से 12 महीने में सार्स-सीओवी-2 को छोड़कर अन्य कोरोना वायरस वापस आ सकते हैं
10. 5 से 15 फीसदी लोगों में ही कोविड-19 के गंभीर और जानलेवा लक्षण उभरते हैं

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