Wednesday, 22 April 2020

एक घंटे में 16 बार कोरोना को आमंत्रित करते हैं हम क्योंकि इतनी बार ही छूते हैं हम अपना चेहरा

चेहरे को हाथों से बार-बार छूने पर नोवेल कोरोना वायरस का संक्रमण कई गुना बढ़ जाता है। दरअसल, आंखें, मुंह और नाक शसरीर के वे संवेदनशील हिस्से हैं जो आसानी से संक्रमण के शरीर में पहुंचने का जरिया बन सकते हैं। एक वैज्ञानिक शोध में सामने आया कि हम औसतन हाथों से एक घंटे में 16 बार से अधिक अपने चेहरे को छूते हैं। हम अपने चेहरे को इतनी बार छूते हैं कि इस दौरान बार-बार हाथ धोने से भी वायरस का शरीर तक पहुंचने का खतरा बहुत अधिक होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि दस्ताने पहनने से आप अपने चेहरे को बार-बार छूने की इस आदत से छुटकारा पा सकते हैं। दरअसल यह इतनी सामान्य आदत है कि हम में से ज्यादातर इसके बारे में सोचते तक नहीं हैं। लेकिन इसआदत के चलते हम फ्लू, कोल्ड और अब कोरोना वायरस के शिकार हो रहे हैं।

एक घंटे में 16 बार कोरोना को आमंत्रित करते हैं हम क्योंकि इतनी बार ही छूते हैं हम अपना चेहरा

संक्रमण फैलाने के दो तरीके
सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के अनुसार, नया कोरोना वायरस अन्य श्वसन संक्रमणों की तरह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। इसमें नाक से छींक के जरिए निकलने वाली ड्रापलेट्स भी शामिल हैं। करीबी संपर्क और छींकने या खांसने से यह वायरस इन ड्रॉपलेट्स के जरिए स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर जाता है।

एक घंटे में 16 बार कोरोना को आमंत्रित करते हैं हम क्योंकि इतनी बार ही छूते हैं हम अपना चेहरा

हर समय छूते हैं चेहरे को
हमारे व्यवहार की इस सामान्यसी आदत पर शोध करने वाले वैज्ञानिकों ने पाया कि लोग लगातार अपने चेहरे को छूते रहते हैं। 2008 के एक अध्ययन के अनुसार, 10 लोगों को 3 घंटे तक एक कार्यालय में काम करने के दौरान अवलोकन किया गया। उन्होंने प्रति घंटे औसतन 16 बार अपने चेहरे को छुआ। ऐसे ही २०१५ के एक अन्य अध्ययन में ऑस्ट्रेलिया के एक विश्वविद्यालय में 26 मेडिकल छात्रों पर किए शोध में सामने आया कि वे प्रति घंटे 23 बार अपने चेहरे को छूते थे। चेहरे के लगभग आधे हिस्से में मुंह, नाक या आंखें होती हैं जो हमारे शरीर में प्रवेश करने के लिए वायरस और बैक्टीरिया के लिए सबसे आसान मार्ग हैं। यहां तक कि चिकित्सा पेशेवर भी इस आदत से बच नहीं पाते। इस बारे में बेहतर जानकारी होने के बावजूद वे भी अपने चेहरे को 2 घंटे में औसतन 19 बार छूते हुए पाए गए। दरअसल जब हम सक्रिय होते हैं तो हम अपने पैरों को हिलाते हैं, या बालों को उंगलियों से घुमाने लगते हैं या सीटी बजाते हैं। ऐसे ही अपने चेहरे को भी छूना हमारे लिए बिल्कुल सामान्य प्रक्रिया है। कैलिफोर्निया में मनोचिकित्सक और नींद न आने की बीमारी के विशेषज्ञ एलेक्स दिमित्री ने बताया कि इन आदतोंसे हम काम में तल्लीन रहने के दौरान ही सचेत रहने की कोशिश करते हैं।

एक घंटे में 16 बार कोरोना को आमंत्रित करते हैं हम क्योंकि इतनी बार ही छूते हैं हम अपना चेहरा

ऐसे बचें बार-बार चेहरा छूने से
-अपने हाथों को थोड़ी-थोड़ी देर में साबुन से कम से कम 20-25 सेकंड तक धोएं
-अपने हाथ या कलाई में कोई रिंग या ब्रेसलेट या रबर बैंड पहनें जो आपको चेहरा न छूने की याद दिलाता रहे
-संक्रमण की संभावित जगहों और बाहर निकलने पर दस्तानों या ग्लव्ज का उपयोग करें
-घर या ऑफिस की जिन जगहों पर आपका ज्यादा वक्त बीतता है वहां दीवारों और कम्प्यूटर आदि पर नोट लिख दें
-अपने हाथों को व्यस्त रखें, अपे हाथों में रिमोट या बॉल जैसा कोई सामान रखें, यह आपको चेहरे से हाथ दूर रखने की याद दिलाएगा
-सुंगधित सैनिटाइजर या साबुन का उपयोग करें, इससे हाथ धोने के बाद इसकी खुश्बू चेहरा न छूने की याद दिलाती रहेगी
-किसी मीटिंग या समूह में हें तो अपने दोनों हाथों को सामने की ओर रखने की बजाय अपनी गोद में रखें

एक घंटे में 16 बार कोरोना को आमंत्रित करते हैं हम क्योंकि इतनी बार ही छूते हैं हम अपना चेहरा

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