विषाणुओं (वायरस) के संक्रमण से होने वाले बुखार को वायरल फीवर कहते हैं। हमारे शरीर की इम्यूनिटी (प्रतिरोधात्मक क्षमता) जब कम हो जाती है तो हम किसी भी संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं। कोरोना भी एक तरह का वायरस है, इस समय लगभग पूरी दुनियां इस वायरस के प्रकोर से परेशान हैं।
सबके अंदर है 'जैविक शक्ति
बै क्टीरियल इन्फेक्शन सदियों से दुनिया में है और आगे भी बने रहेंगे। मनुष्य ही नहीं सभी जीवधारियों को इन संक्रमणों की मार झेलनी पड़ती है लेकिन हममें एक ऐसी जैविक शक्ति है, जो रोगों का प्रतिरोध करती है और इसीलिए इसे रोग प्रतिरोधक या इम्यून पावर कहा जाता है। सभी जीवधारियों के शरीर में एक प्रभावी इम्यून सिस्टम होता है जो बीमारियों या रोगाणुओं की घुसपैठ को रोकता है, उन्हें नष्ट कर शरीर को स्वस्थ बनाए रखता है। जब इम्यून सिस्टम में गड़बड़ हो जाती है तो बाहरी रोगवाहक जैसे-बैक्टीरिया, वायरस या फंगस शरीर पर हमला कर उसे रोगी बना देते हैं। इस लिए शरीर को किसी वायरस, बैक्टीरिया आदि के प्रभाव से बचाने के लिए शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानि को इम्यूनिटी की मजबूत होना बहुत जरूरी है।
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