Wednesday, 25 March 2020

नींद, कब्ज, फर्टिलिटी की समस्या में फायदेमंद है खसखस

खसखस को औषधी के रूप में प्रयोग किया जा सकता है। इसे अंग्रेजी में पॉपी सिड्स, बंगाली में पोस्तो, तेलुगु में गसागसालु आदि नाम से जाना जाता है। खसखस में पोटैशियम, कैल्शियम, आयरन और मैग्नीशियम भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। खसखस एक मेवा है जो अन्य मेवों के समान ही उपयोगी है। खनिज तत्त्वों की भरपूर मात्रा होने के कारण मस्तिष्क के लिए इसे फायदेमंद माना गया है।

खसखस के सेवन से नींद की समस्या भी दूर होती है। अगर आपको नींद की समस्या है तो आप रात को सोने से एक घंटे पहले खसखस मिलाकर दूध पिएं। इसके दाने काफी बारीक होते हैं। 3000 दानों का लगभग एक ग्राम वजन होता है। कैलोरी से भरपूर खनिज तत्त्वों के साथ-साथ खसखस में 45 से 50 प्रतिशत तेल होता है। ये ऊर्जा का बेहतरीन स्त्रोत हैं। सेहत के लिए खसखस के बहुत फायदे हैं। इसका इस्तेमाल कब्ज जैसी समस्या से लेकर कैंसर जैसी घातक बीमारियों के इलाज के लिए किया जा सकता है। खसखस का सेवन आंतरिक स्वास्थ्य से लेकर त्वचा और बालों के लिए भी किया जा सकता है। खसखस के सेवन से महिला की प्रजनन क्षमता में सुधार होता है। खसखस के तेल से फैलोपियन ट्यूब को फ्लश करने से फर्टिलिटी की समस्या का इलाज हो सकता है।

सब्जी की ग्रेवी व हलवा
मिठाई की सजावट के अलावा इसे सब्जी की ग्रेवी बनाने के लिए भी उपयोग में लिया जाता है। खसखस दानों का उपयोग मीठे पकवानों व ठंडाई के अलावा आइसक्रीम बनाने में किया जाता है।

खसखस हलवा- खसखस को भिगोकर बारीक पीसकर हलवा बनाया जाता है जो दिमाग को शीतलता व शक्ति प्रदान करता है। ऐसे बनाएं: 100 ग्राम खसखस को रात में भिगो दें। सुबह में बारीक पीसकर आधा कप घी में भून लें। इसमें दो कप दूध और बारीक पिसी इलायची व आवश्यकतानुसार चीनी को मिला लें। स्वाद के अनुसार इसमें मेवे भी मिला सकते हैं।



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