मौसमी फल के रूप में आजकल अंगूर बाजार में आसानी से उपलब्ध हो रहा है। अंगूर स्वादिष्ट होने के साथ-साथ अनेक पौष्टिक गुणों से युक्त होते हैं। इनमें विटामिन, पोटेशियम, कैल्शियम, फास्फोरस, कार्बोहाइड्रेट और ग्लूकोज पर्याप्त मात्रा में होता है, जो शरीर में खून की वृद्धि करता है व कमजोरी दूर करता है। अंगूर में पर्याप्त मात्रा में कैलोरी, फाइबर और विटामिन सी व ई पाए जाते हैं। अंगूर दो तरह के हल्के हरे रंग के और काले रंग होते हैं। अंगूर में ग्लूकोज, मैग्नीशियम और पॉलीफिनोल्स नाम का एंटीऑक्सीडेंट जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जिससे यह टीबी, कैंसर, ब्लड इंफेक्शन जैसी घातक बीमारियों में लाभकारी है।
एनर्जी: अंगूर में मौजूद शर्करा रक्त में आसानी से अवशोषित हो जाती है और थकान दूर कर शरीर को ऊर्जा प्रदान करती है।
सफाई: अंगूर शरीर में मौजूद विषैलेे तत्वों को आसानी से शरीर से बाहर निकाल देता है। अंगूर रक्त की क्षारीयता को संतुलित करता है। किसी कारणवश शरीर में अम्लता बढ़ जाए तो वह हानिकारक साबित होती है। ऐसा होने पर 20 से 30 ग्राम अंगूर खाएं।
मिर्गी: अंगूर को रोजाना खाने से कैंसर, एपेंडिक्स, बच्चों में कमजोरी, मिर्गी, रक्त संबंधी विकार, आमाशय में घाव और कमजोरी में लाभ मिलता है।
पाचन: यदि किसी ने धतूरा खा लिया हो तो उसे दूध में अंगूर का सिरका मिलाकर दें। यह टायफॉइड, मानसिक परेशानी और पाचन की गड़बड़ी में भी लाभकारी होता है।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2IP18mZ
No comments:
Post a Comment