Monday, 2 March 2020

सेहत के लिए 'हंसी' का डोज़ दे रहे 'मेडीकल जोकर'

कर्मचारी ही जोकर
मेडिकल क्लाउंस के लिए बाहर के नहीं बल्कि अस्पताल के ही देखभाल करने वाले कर्मचारी जोकर के कपड़े पहनकर रोगियों को हंसाने का काम करते हैं। इससे अस्पताल के वार्ड में मरीज के साथ चिकित्सकों का तनाव भी कम होता है।

सेहतमंद बना रहे 'मेडिकल जोकर'

परंपरागत तरीका
आज बढ़ते तनाव क्षेत्र को दूर करने के लिए कर्मचारी का जोकर की सदियों पुरानी परंपरागत शैली का ही उपयोग करते हैं। यह तरीका प्राचीन समय से बहुत सी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में उपचार का काम करता है।

सेहतमंद बना रहे 'मेडिकल जोकर'

दवा से बेहतर हंसी
चिकित्सकीय अध्ययनों के अनुसार जोकरों की हरकतों से उपजा सहज हास्य कुछ रोगों में दवाओं से भी बेहतर है। 2008 में शोधकर्ताओं ने इजरायल के अस्पताल में एनेस्थीसिया और सर्जरी वाले बच्चों के लिए ऐसे ही जोकर नियुक्त किए थे ताकी उनका तनाव कम किया जा सके।

सेहतमंद बना रहे 'मेडिकल जोकर'

घट गया चिंता का स्तर
20 से 30 मिनट तक मेडिकल मसखरे से मिलने के बाद उन बच्चों में चिंता का स्तर नियंत्रण में था जिन्हें बाद में एनेस्थीसिया दिया गया था। अन्य अध्ययनों से पता चला है कि ऑटिज्म विकार वाले बच्चों के लिए भी मसखरे फायदेमंद हैं। ऐसे ही मनोभ्रंश और गंभीर बीमारी वाले वयस्क भी मनोवैज्ञानिक रूप से अच्छे परिणाम दिखाते हैं।

सेहतमंद बना रहे 'मेडिकल जोकर'

1970 से चलन में
इस विधा का सबसे पहले उपयोग प्रसिद्ध डॉ. हंटर 'पैच' एडम्स ने 1970 में किया जो स्वास्थ्य देखभाल माहिर जोकर रहे हैं। उन पर 1998 में एक फिल्म भी बन चुकी है। यह प्रतिभा रोगी व डॉ. के बीच विश्वास और जुड़ाव बनाने में मदद करती है।

सेहतमंद बना रहे 'मेडिकल जोकर'

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