कैंसर एक घातक बीमारी है। इसका इलाज लंबा, पीड़ादायक और दर्दनाक भी होता है। आयुर्वेद में न केवल कैंसर से बचाव के बारे में बताया गया है बल्कि कैंसर का कारगर इलाज भी है। अलग-अलग कैंसर का इलाज भिन्न-भिन्न तरीकों से करते हैं। कंचनार व त्रिफला गुग्गलू, पीरकभस्म, मोती व पवार पिस्ट, ताम्रभस्म आरोग्यवर्धन, मधुविस्ट और रसायनों में च्यवनप्राश, ब्रह्म व निगुर्णी रसायन देते हैं। अगर कोलन कैंसर है तो बस्ति क्रिया करते हैं। इसके अलावा भी कई रसायन हैं।
कैंसर में योग और ध्यान का बहुत महत्व है। नियमित प्राणायाण और अनुलोम-विलोम का अभ्यास करने से कैंसर से बचाव होता है। इलाज के दौरान भी इन आसनों को कर सकते हैं। इसमें कपालभाति, भस्त्रिका, नाड़ी शोधन प्राणायाम भी करना चाहिए। इनसे लाभ मिलता है लेकिन जिनको पेट का कैंसर है वे कपालभाति नहीं करें। ध्यान सभी प्रकार कैंसर में करना चाहिए। इसमें हल्दी और आंवला का अधिक उपयोग करना चाहिए।
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