Age-Related Macular Degeneration In Hindi: मैक्यूलर डिजनरेशन आंखों से संबंधित समस्या है। जिसमें रेटिना में कमी आ जाती है यानी रेटिना को क्षति होने लगती है। इसका सीधा असर आंखों की देखने की क्षमता पड़ता है। यह अधिकांश तौर में बढ़ती उम्र में होता है। धूम्रपान, मोटापा, उच्च रक्तचाप और बहुत अधिक संतृप्त वसा खाने सहित कुछ कारक मैक्यूलर डिजनरेशन के विकास के जोखिम को बढ़ाने के लिए जाने जाते हैं। लेकिन आप चाहे तो कुछ उपाय अपनाकर इस समस्या के जोखिम को कम कर सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे:-
हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन
हरी पत्तेदार सब्जियां जिनमें केल, पालक, और स्विस चर्ड शामिल हैं, एक मजबूत एंटीऑक्सिडेंट का एक समृद्ध स्रोत होने के नाते फ्री रेडिकल्स काे बेअसर कर सकते हैं और सेलुलर क्षति से बचा सकते हैं। विशेष रूप से फ्री रेडिकल्स सूजन का कारण बन सकते हैं और नेत्र रोग में योगदान कर सकते हैं।
ब्लड प्रेशर बनाए रखें
उच्च रक्तचाप आंखों से रक्त के प्रवाह को प्रतिबंधित कर मैक्यूलर डिजनरेशन की शुरुआत में योगदान कर सकता है। इसलिए, अपने रक्तचाप को बनाए रखना महत्वपूर्ण है। आप ऐसा कर सकते हैं कि कुछ जीवनशैली में बदलाव के लिए। उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने के सर्वोत्तम तरीकों में से एक नियमित शारीरिक गतिविधि करना है। सप्ताह में 150 मिनट व्यायाम करने से भी आपका रक्तचाप लगभग 5 से 8 मिमी एचजी तक कम हो सकता है।
धूप के चश्मे पहने
यूवी किरणों और नीली रोशनी को रेटिना को नुकसान पहुंचाने और age-related macular degeneration में योगदान करने के लिए जाना जाता है। यही कारण है कि अमेरिकन मैक्युलर डीजनरेशन फाउंडेशन ने सभी को यूवी 400 लेबल के चश्मे पहनने का सुझाव दिया है।
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