वसा युक्त भोजन, ज्यादा गरम व कम चबाकर खाने से भी होता है। पित्त की थैली में स्टोन, छोटी व बड़ी आंत में इंफेक्शन, एल्कोहल, स्मोकिंग करने वालों को भी पेट में दर्द होता है। यदि पेट दर्द बार-बार हो रहा है तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। चिकित्सक की परामर्श से इलाज कराना चाहिए। यह 30-40 साल की उम्र के युवाओं में ज्यादा हो रही है।
इन जांचों से पहचानें
यदि दर्द पेट के ऊपरी हिस्से में होता है तो एंडोस्कोपी कराते हैं। पित्त की थैली में पथरी होने पर जलन और खट्टी डकार आती है। इसके अलावा सोनोग्राफी व लक्षणों के आधार पर अन्य जांचें कराते हैं। इलाज का पूरा कोर्स लें, आराम मिलते ही दवा तुरंत बंद नहीं करनी चाहिए।
जंकफूड भी कारण
फास्ट-जंकफूड, पैक्ड चीजों व चाय-कॉफी से भी आहार नली का वॉल्व फैल जाता है। इससे कच्ची डकार, अपच की समस्या होती है। जंकफूड में प्रिजर्वेटिव, नमक व ऑयल, की ज्यादा मात्रा पाचन बिगाड़ती है। फास्ट-जंकफूड में फाइबर न के बराबर होता है।
एक्सपर्ट : डॉ. रोमिल जैन, गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट, रायपुर
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