पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। गला गीला रहेगा तो असर कम होगा। इम्युनिटी बढ़ाने के लिए विटामिन-सी वाले फल लें। खांसते, छींकते समय मुंह पर मास्क लगाकर रखें। हाथों को आंख, नाक और मुंह के पास सीधे न छुएं। मांस-मछली, सी फूड और बाहर से आने वाला पैक्ड फूड खाने से बचें। जंगली और खेतों में रहने वाले जानवरों के संपर्क से दूर रहें। चीन से सफर कर लौटे व्यक्ति से दूर रहें। सब्जी और फलों को खाने से पहले अच्छी तरह धोएं। जिन देशों या जगहों पर इस बीमारी का प्रकोप है, वहां यात्रा करने से बचें।
आयुर्वेद में उपचार
आयुर्वेद के अनुसार ऋतु बदलने को संधिकाल कहते हैं। इसमें वायरस का प्रकोप बढ़ता है। वायरस जनित रोगों में दो बातें होती हैं। एक तो इम्युनिटी बढ़ाएं ताकि वायरस का असर न हो। दूसरा, अगर वायरल संक्रमण हो गया है तो कैसे बचें। इम्युनिटी बढ़ाने के लिए अश्वगंधा, सतावरी, हरड़, बहेड़ा, आवंला, सौंठ, पीपली, कालीमिर्च, बायबडऩ को समान मात्रा में लेकर पाउडर बनाकर सुबह-शाम एक चम्मच शहद के साथ लें। इसके अलावा खानापान में गरिष्ठ चीजों का प्रयोग न करें। दो अलग-अलग तासीर की चीज को एक साथ न खाएं।
डॉ. सुनील महावर, फिजिशियन, डॉ. वृन्दावन शर्मा, आयुर्वेद विशेषज्ञ
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