बच्चों को अधिक मीठा खाने से भी रोकना चाहिए। इससे शरीर में इंसुलिन अधिक बनता है। इन कारणों से आई बॉल का आकार बढ़ता है जिससे चश्मे का नंबर बढ़ सकता है। जानते हैं दूसरी बातों के बारे में-
बदलती लाइफस्टाइल में बच्चे अपने घर-कमरे से बाहर कम ही निकल रहे हैं जिसके वे दूर नहीं देख पाते हैं। इससे उनके आंखों के चश्मे का नंबर बार-बार बदल रहा है। इसे मायोपिया कहते हैं। आंखों की बनावट दूर देखने के लिए है। आंखों की आईबाल (कॉर्निया) की लंबाई करीब 23 मिमी. होती है। जब बच्चा अधिक समय तक नजदीक की चीजों को देखता है तो उसके आंखों पर तनाव पड़ता है और आईबाल का साइज बढ़ जाता है। अगर आईबाल का एक मिमी. यानी 24 मिमी. हो जाता है तो तीन नंबर (+/-3) तक बढ़ जाता है। ऐसे स्थिति से बचने के लिए बच्चों को दूर देखने के लिए प्रेरित करें। आउटडोर गेम्स खेलने के लिए प्रोत्साहित करें। इससे आंखों पर चश्मा लगा भी है तो नंबर बार-बार नहीं बढ़ेगा।
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