Smoking Hazards In Hindi: हम सभी जानते हैं कि स्मोकिंग और अल्कोहल का सेवन सेहत पर नकारात्मक प्रभाव डालता हैं। लेकिन कम ही लोगों को इस बात की जानकारी होगी कि नशे की ये आदत दिमाग पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालती है। हाल ही में हुए एक शोध में शोधकर्ताओं ने पाया है कि रोज स्मोकिंग और अल्कोहल का सेवन करने वालों लोगों का दिमाग, नशा न करने वाले लोगों के दिमाग की तुलना में कमजोर होता है।
जर्नल साइंटिफिक रिपोर्ट्स में प्रकाशित अध्ययन से पता चला है कि जीवनशैली की कुछ आदतें, जैसे कि भारी धूम्रपान और शराब का सेवन, विशिष्ट मस्तिष्क क्षेत्रों में प्रतिकूल प्रभाव से जुड़ी हैं।
सदर्न कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी, अमरीका के शोधकर्ताओं ने अध्ययन में कहा है कि शराब सेवन की आवृत्ति और सापेक्ष दिमागी उम्र के हमारे विश्लेषण ने संकेत दिया कि रोजाना शराब पीने वाले लोगों की तुलना में कभी-कभी शराब पीने वाले लोगों के सापेक्ष मस्तिष्क की उम्र कम थी।
निष्कर्षों के लिए, अनुसंधान दल ने 45 से 81 वर्ष की आयु के 17,308 व्यक्तियों के सापेक्ष मस्तिष्क आयु की पहचान करने के लिए मशीन लर्निंग मेथड और एमआरआई का इस्तेमाल किया।
मस्तिष्क की उम्र पर धूम्रपान और पीने का प्रभाव
अध्ययन में सामने आया कि एक साल तक राेज एक पैकेट सिगरेट पीने वालाें के दिमाग की आयु न पीने वालाें वालाें के दिमाग की तुलना में 0.03 वर्ष अधिक थी। यही परिणाम अल्कोहल का सेवन करने वाले में देखने का मिले। मस्तिष्क आयु वृ़द्धि का मतलब दिमाग पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव के तौर पर परिभाषित किया।
निष्कर्ष बताते हैं कि मस्तिष्क की उम्र पर धूम्रपान और शराब पीने के हानिकारक प्रभाव मुख्य रूप से उन लोगों में हो सकते हैं जो उच्च स्तर पर धूम्रपान और अल्कोहल का सेवन करते हैं।
शोधकर्ताओं ने कहा कि हमारी खोज पिछले अध्ययनों के अनुरूप थी, जिसमें पता चला था कि भारी शराब का सेवन मस्तिष्क के लिए हानिकारक होता है।
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