Root canal treatment in Hindi: क्या आपके दंत चिकित्सक या एंडोडोटिस्ट ने आपके दांतों की हालत देखते हुए आपको रूट कैनाल ट्रीटमेंट कराने को कहा है। यदि हां, तो आप अकेले नहीं हैं। रूट कैनाल, या एंडोडॉन्टिक उपचार से हर साल लाखों दांतों का इलाज और बचाव किया जाता है। आइए जानते हैं क्या होता है रूट कैनाल और कब होती है इसकी जरूरत
रूट कैनाल ट्रीटमेंट ( Root Canal Treatment )
एंडोडोंटिक उपचार दांत के अंदर का इलाज करता है। रूट कैनाल उपचार एक प्रकार का एंडोडॉन्टिक उपचार है।एंडोडॉन्टिक उपचार को समझने के लिए, हमें दांत की एनाटॉमी को समझना होगा। दांत के 3 भाग होते हैं, बाहरी भाग इनेमल, फिर दांत का मुख्य भाग डेंटीन और फिर दांतों का नर्म भाग जिसे पल्प कहते हैं। नस एवं रक्त वाहिकाएं दांतों की जड़ (एपेक्स) के पास से अंदर की ओर जाती है और फिर जड़ के कैनाल से होते हुए पल्प चैंबर तक पहुंचती है। दांतों का दिखाई देने वाले क्राउन, के भीतर पल्प चैंबर होता है। रूट कैनाल उपचार में दांत के सूजे या संक्रमित पल्प को हटा दिया जाता है। रोग ग्रस्त (संक्रमित) पल्प को हटाने के बाद उस खाली जगह को साफ किया जाता है, और फिर उसे सही आकार देकर भरा जाता है।
कब हाेती है रूट कैनाल जरूरत ( When you need Root canal )
दांताें में जब निम्नलिखित समस्याएं हाेती है तब आपके चिकित्सक द्वारा रूट कैनाल सिफारिश की जाती है :-
- चबाने या काटने के दौरान दातों में गंभीर दर्द।
- मसूड़ों पर दाने।
- चोट ग्रस्त दांत।
- दांतों में ठंडा गरम लगना।
- मसूड़ों में सूजन, उनका काला पड़ जाना।
क्या रूट कैनाल के दौरान दर्द होता है ( Pain in Root Canal )
रूट कैनाल ट्रीटमेंट में आधुनिक तकनीकों और एनेस्थेटिक्स के साथ, अधिकांश रोगी रिपोर्ट करते हैं कि वे प्रक्रिया के दौरान सहज हैं। और यदि किसी को दर्द महसूस हो तो उसके लिए दर्द में तुरंत राहत पहुचानें वाली दवाईयां भी उपलब्ध रहती हैं।
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