Pregnancy and obesity In Hindi: गर्भावस्था में वजन बढ़ना सेहत की निशानी मानी जाती है, लेकिन अत्यधिक वजन होना, आगे चलकर मां के मोटापे का कारण हो सकता है। इसके साथ ही यह भविष्य में गर्भधारण की प्रक्रिया को भी प्रभावित कर सकती है। यह बात एक नए शोध में सामने आई है।
जर्नल ऑफ वीमेन हेल्थ में प्रकाशित इस अध्ययन के लिए, शोधकर्ताओं ने 1,181 महिलाओं का चयन किया और मिडलाइफ में बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) पर अत्यधिक GWG गर्भधारण के प्रभाव का विश्लेषण किया। यह अनुसंधान अमेरिका में कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय और मैसाचुसेट्स विश्वविद्यालय के सहयोग से आयोजित किया गया था।
वर्जीनिया कॉमनवेल्थ यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट की सुसान जी कोर्नस्टीन ने कहा कि शोध में देखा गया कि अत्यधिक GWG के साथ की प्रत्येक गर्भावस्था में मिडलाइफ मोटापे की संभावना में 64 प्रतिशत की वृद्धि से जुड़ी थी।
शोधकर्ताओं ने पाया कि अत्यधिक GWG के साथ प्रत्येक अतिरिक्त गर्भावस्था 42-53 वर्ष की आयु की महिलाओं में उच्च बीएमआई से जुड़ी थी। जिन महिलाओं ने एक गर्भावस्था के दौरान में अत्यधिक GWG अनुभव किया, उनमें मिडलाइफ मोटापे की संभावना, अत्यधिक GWG का अनुभव नहीं करने वाली महिलाओं की तुलना में 22.9 प्रतिशत अधिक थी।
कोर्नस्टीन ने कहा कि यह खोज किसी भी गर्भावस्था में अत्यधिक गर्भावधि वजन बढ़ने से बचने के लिए एक मजबूत तर्क देती है।
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