Tuesday, 7 January 2020

जानिए... भरपेट खाने के बाद कुपोषण क्यों बढ़ रहा, कौन सी बीमारियां हो रहीं हैं

भोजन शरीर को स्वस्थ रखने के लिए ऊर्जा, पोषकतत्व प्रदान करता है। संतुलित भोजन में प्रोटीन, कार्ब, फैट, विटामिन व खनिज पर्याप्त मात्रा में होने चाहिए, लेकिन इसकी लंबे समय से कमी होने से कुपोषण की समस्या होती है।

शारीरिक और मानसिक विकास

पोषकतत्वों के असंतुलन से शरीर में कुपोषण की समस्या होती है। कुपोषण के भी कई प्रकार होते हैं, इसे जानना बहुत जरूरी है। हाल ही हुए एक सर्वे में भारत में 5 साल से कम आयु के 35% बच्चों की लम्बाई कम है जो पूरी तरह से बढ़ नहीं सकी है। 17% बच्चे लंबाई के मुकाबले कम वजन, 33% अंडरवेट कैटेगरी में हैं। 1-4 वर्ष की आयु के बच्चों में विटमिन A और बचपन में आयोडीन की कमी, कमजोर मांसपेशियां, सांस लेने में दिक्कत, हड्डियां विकसित नहीं हैं। बच्चों में पोषण की कमी का सीधा प्रभाव उनके शारीरिक और मानसिक विकास पर पड़ता है । जिसमें दिमाग का पूर्ण विकास न हो पाना, कमजोर याददाश्त, रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी और संक्रमण एवं बीमारियों का खतरा मुख्य है।

संतुलित खानपान से सेहतमंद रहेंगे
स्वस्थ रहने के लिए सबको अच्छी दिनचर्या अपनानी चाहिए। अच्छी दिनचर्या से शरीर का बायोलॉजिकल क्लॉक सही रहता है। बायोलॉजिकल क्लॉक के अनुसार शरीर के अंग कार्य करते हैं। बायोलॉजिकल क्लॉक खराब न हो इसलिए समय पर सोएं-उठें। हर स्वस्थ व्यक्ति को नियमित 30 मिनट तक व्यायाम करना चाहिए। संतुलित खानपान, अच्छी जीवनशैली और वजन नियंत्रित रखें।
इन चीजों का भी रखें विशेष ध्यान
हर स्वस्थ व्यक्ति को नियमित कम से कम 10 से 12 गिलास पानी पीना चाहिए। शरीर में 2-3% पानी की कमी से एनर्जी लेवल गिरने लगता है। पानी की कमी से दिमाग पर असर, सिर, शरीर में दर्द होता हैै। तरलता घटने से ब्लड फ्लो घटता व कई समस्याएं भी होती हैं। रात में पेट खाली होने से सुबह उठते एनर्जी की जरूरत होती है। सुबह उठने के 2 से 3 घंटे के अंदर नाश्ता बहुत जरूरी होता है। ब्रेकफास्ट करने से एनर्जी बढ़ने के साथ पाचन अच्छा रहता है। समय से ब्रेकफास्ट करने से शरीर का मेटाबोलिज्म सही रहता है।

एक्सपर्ट : निमाली सिंह, फूड एंड न्यूट्रिशन एक्सपर्ट



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