दर्जनों तरह के प्रिजर्वेटिव से भरा खाना, फास्ट फूड और रसायनों से पके फल, हॉर्मोन डालकर उगाई गई सब्जियों और जहरीला पानी यही हमारी दिनचर्या की जहरीली कहानी है। भारत में खानपान की चीजों में ऐसे रसायनों का उपयोग खूब हो रहा है जो पूरी दुनिया में प्रतिबंधित हैं जैसे डीडीटी, बीएचसी, एल्ड्रान, क्लोसडेन, एड्रीन, मिथाइल पैराथियोन, टोक्साफेन, हेप्टाक्लोर तथा लिंडेन।
इसका परिणाम यह है कि एक औसत भारतीय अपने दैनिक आहार में स्वादिष्ट भोजन के साथ 0.27 मिलीग्राम डीडीटी भी अपने पेट में डालता है और तो और अब तो मां का दूध भी प्रभावित हो गया है। एक शोध में पाया कि मां के दूध के नमूनों में कीटनाशकों का प्रतिशत वैध सीमा से 400 से 800 प्रतिशत अधिक पाया गया।
भारत में स्तनपान कराने वाली महिलाओं के दूध के नमूनों में डीडीटी व बीएचसी जैसे कीटनाशकों की मात्रा अन्य देशों के मुकाबले चार गुना ज्यादा है। अब तय आपको करना है कि खाना क्या है?
बेहतर विकल्प
ताजा और धुली सब्जियां, ऑर्गनिक फूड।
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