आज के युवाओं की आंखों से नींद गायब है। उनकी आंखें बोझिल हैं। इसे काम का प्रेशर माने या फिर आधुनिक जीवनशैली की वजह, पर सच्चाई यही है कि नींद उनकी आंखों से दूर होती जा रही है। ऐसे में उनींदा सा युवा न अपने काम पर ध्यान केंद्रित कर पा रहा है और न ही खुद को फिट रख पा रहा है।
एक अनुमान के मुताबिक भारत में करीब छह करोड़ युवा कम नींद के शिकार हैं। इनमें से ज्यादातर इसके लिए किसी तरह की डॉक्टरी सलाह नहीं लेते। ये शुरुआती लापरवाही गंभीर दिक्कत बन जाती है। अगर ध्यान न दिया जाता तो शरीर कई घातक बीमारियों की चपेट में आ सकता है और यहां तक ये जानलेवा भी हो सकता है।
डॉक्टरों के मुताबिक ज्यादा वक्त तक कम नींद से इंसान डायबिटीज, ब्लडप्रेशर, दिल की बीमारियों या फिर ब्रेन स्ट्रोक जैसी जानलेवा बीमारियों की चपेट में आ सकता है। कम नींद लेने वाली महिलाओं में तो पुरुषों की अपेक्षा इन बीमारियों की चपेट में आने का खतरा दोगुना होता है। खतरा यहां तक बढ़ चुका है कि दुनिया भर में कम नींद की वजह से होने वाली बीमारियों से होने वाली मौतों का आंकड़ा तेजी से बढ़ा है। हालांकि इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं उपलब्ध है।
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