ग्रीन टी की तरह ग्रीन कॉफी भी होती है। यह बीपी, ब्लड शुगर के साथ कोलेस्ट्रॉल व किडनी, हृदय रोगों में भी फायदेमंद है एंंटीऑक्सीडेंट युक्त ग्रीन कॉफी को पीने से स्वस्थ रहने के साथ-साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढती है।
मोटापा घटाने में कारगर : बिना भुनी (रोस्ट) ग्रीन कॉॅफी में सामान्य कॉॅफी की तुलना में कैफीन कम होता है। इसके इस्तेमाल से दिनभर ताजगी रहती है। ग्रीन कॉफी में मौजूद क्लोरोजेनिक एसिड, आहार नली में शुगर की मात्रा को कम करता है। नियमित इस्तेमाल से मोटापा कम होता है। पाचन तंत्र मजबूत होता है। शरीर में वसा नहीं जमती हैं। एक दिन में 2 कप से ज्यादा कॉॅफी नहीं लेनी चाहिए। खाली पेट कॉॅफी पीने से एसिडिटी व पेट दर्द की समस्या हो सकती है। हल्का खाने के बाद ग्रीन कॉॅफी पी सकते हैं।
वजन कम करने के लिए ग्रीन टी या ग्रीन कॉफी : ग्रीन टी और ग्रीन कॉफी दोनों वजन कम करने में लाभकारी है। ग्रीन कॉफी में क्लोरोजेनिक एसिड और कॉफी के कच्चे और बिना भुने बीन्स का इस्तेमाल करते हैं। ग्रीन टी में हरी पत्तियों का प्रयोग करते हैं। ग्रीन टी 3-4 कप से ज्यादा नहीं और ग्रीन कॉफी 2 कप ही लेनी चाहिए। दिन में टी 2-3 कप और कॉफी 2 कप ही लेने से वजन जल्दी नियंत्रित होता दिखाई देने लगता है। गर्भवती, स्तनपान कराने वाली महिलाएं, बच्चों को बिना डॉक्टरी सलाह के नहीं लेना चाहिए।
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