Saturday, 28 December 2019

रोटी के अलावा मक्के के आटे से तैयार टिक्की, परांठा व टिकिया भी हैं पौष्टिक

सर्दी के मौसम में घी के अलावा विभिन्न अनाज भी ज्यादा खाए जाते हैं। साथ ही अनाज की बात करें तो मक्के की रोटी के साथ सरसों का साग खूब खाया जाता है। गेहूं के अलावा बाजरा और मक्के के आटे से बनी रोटी विशेषकर खाई जाती है। कुछ लोग इसे घर की बजाय मार्केट और रेस्टोरेंट में खाते हैं। आप चाहें तो घर पर भी मक्के के आटे से बनी रोटी और अन्य रेसिपी बना सकते हंै।
जानें इसके सेहतमंद फायदों के बारे में -
ऊर्जा का अच्छा स्त्रोत : यदि आप रेगुलर जिमिंग करते हैं तो मक्की की रोटी आपको दिनभर के लिए एनर्जी देती हैं। इसमें मौजूद भरपूर मात्रा में कार्बोहाइड्रेट शरीर में ऊर्जा का स्तर ज्यादा रखता है।
वजन नियंत्रित : ऐसे लोग जिनका वजन ज्यादा है आर घटाने की सोच रहे हैं वे सर्दी के मौसम में नियमित रूप से मक्के के आटे से बनी रोटी आदि खा सकते हैं। विटामिन, मिनरल्स, फाइबर जैसे खास तत्वों से युक्त इस आटे से तैयार चीजों को खाने से वजन में कमी आती है। कार्बोहाइड्र्रेट से युक्त होने के कारण इससे बनी रोटी या अन्य चीजें खाने से पेट भरा-भरा रहता है। जिससे बार-बार भूख नहीं लगती है।
मजबूत हड्डियां : मैग्नीशियम और आयरन से युक्त मक्की की रोटी खाना हड्डियों को मजबूती देता है। इसके अलावा इसमें जिंक और फॉस्फोरस भी पाया जाता है। ऐसे में यह आर्थराइटिस, ऑस्टियोपोरोसिस जैसे रोगों से बचाव में भी मददगार है।
पाचन में आसान : गेहूं की रोटी की अपेक्षा मक्की की रोटी आसानी से पच जाती है। एसिडिटी, कब्ज आदि पेट संबंधी समस्याओं से निजात दिलाने में भी फायदेमंद है। इसमें काफी मात्रा में फाइबर पाया जाता है जो पेट की सफाई कर लिवर को भी दुरुस्त रखता है।
खाने के विकल्प : मक्के के आटे से रोटी के अलावा परांठा, कटलेट, टिक्की आदि लाभकारी हैं।



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